नए प्रोजेक्ट, नया फंडिंग मॉडल

लैंड बैंक पर पहले नक्शा पास कर दुकानों की होगी नीलामी

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
शहर में बड़े विकास कार्यों के लिए नगर निगम शिमला ने फंड जुटाने का नया तरीका तैयार किया है। निगम अब अपने लैंड बैंक पर प्रस्तावित प्रोजेक्ट का नक्शा तैयार कर उसे स्वीकृत करवाने के बाद वहां बनने वाली दुकानों की नीलामी करेगा। इससे प्रोजेक्ट तैयार होने से पहले ही निगम को एडवांस में राशि मिल सकेगी। बाद में इन्हीं दुकानों को किराये पर देकर निगम अपनी नियमित आय भी बढ़ाएगा। यह निर्णय नगर निगम शिमला की वित्त संविदा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मेयर सुरेंद्र चौहान ने की। प्रस्ताव के अनुसार निगम अपनी जमीन पर व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने के लिए पहले से योजना तैयार करेगा और दुकानों की नीलामी से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल संबंधित प्रोजेक्ट के निर्माण में किया जाएगा। इससे निगम को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी।

निगम का अपना गेस्ट हाउस बनाने की तैयारी

नगर निगम शिमला की ओर से अपना गेस्ट हाउस बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। इसी तरह पर्यटन विभाग की ओर से भी एक गेस्ट हाउस बनाए जाने का प्रस्ताव है। निगम की ओर से उपलब्ध भूमि और संसाधनों का आकलन कर इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने
की तैयारी की जा रही है।

संजौली खेल मैदान में शुरू होंगी इंडोर गेम्स

बैठक में संजौली स्थित खेल मैदान को किराए पर देने और वहां इंडोर गेम्स शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नगर निगम की ओर से शहर के सभी वार्डों में खेल मैदान और जिम विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में संजौली से योजना को आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा मलयाना में भी खेल मैदान विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निगम का उद्देश्य शहर में बच्चों और युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। निगम की खाली जमीन का इस्तेमाल खेल और अन्य जनसुविधाओं के लिए करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

छोटा शिमला में बनेगी पार्किंग

वित्त कमेटी की बैठक में छोटा शिमला में पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। शहर में पार्किंग की समस्या को देखते हुए निगम अपनी जमीन का इस्तेमाल पार्किंग निर्माण के लिए करेगा। शहर में ऐसे ग्राउंड विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां बच्चों को खेलने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो। निगम का मानना है कि शहर में खुले स्थान लगातार कम हो रहे हैं, ऐसे में उपलब्ध भूमि का इस्तेमाल आम लोगों और बच्चों के लिए किया जाना जरूरी है।

मेयर, आयुक्त-डिप्टी मेयर के आतिथ्य भत्ते में बढ़ोतरी

वित्त कमेटी की बैठक में मेयर, आयुक्त, डिप्टी मेयर और अतिरिक्त आयुक्त को कार्यालय में आने वाले लोगों के चाय-पानी व आतिथ्य के लिए मिलने वाले भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले इसके लिए 500 और 1000 रुपये की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाकर 3000 और 5000 रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निगम का तर्क है कि नगर निगम का कार्यालय पूरी तरह से सार्वजनिक कार्यालय है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम से पहुंचते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलने आने वाले लोगों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था पर होने वाले खर्च को देखते हुए आतिथ्य मद में बढ़ोतरी आवश्यक थी। वित्त कमेटी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।