राजगढ़ में मरीजों की कतारें

निजी संवाददाता-राजगढ़
राजगढ़ के सरकारी अस्पताल के पास मुख्यमंत्री नि:शुल्क निदान योजना के तहत पीपीपी मोड में संचालित क्रस्ना लैब में मरीजों को जांच करवाने और रिपोर्ट लेने के लिए घंटों कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। सुबह से ही केंद्र के बाहर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लग जाती है। मरीजों का आरोप है कि कर्मचारियों की कमी के कारण नमूना लेने की प्रक्रिया धीमी है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों के अनुसार कई बार उन्हें सुबह करीब 10 बजे से कई घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। उनका कहना है कि पर्याप्त कर्मचारी होने पर नमूना लेने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सकती है।

वहीं, सबसे बड़ी समस्या जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने की है। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट के लिए चार-पांच दिन बाद बुलाया जाता है, जबकि कुछ जांचों की रिपोर्ट के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आगे के उपचार के लिए जरूरी होती है। रिपोर्ट में देरी से चिकित्सक को दोबारा दिखाने और इलाज शुरू कराने में भी विलंब हो रहा है। राजगढ़ विकास खंड के दूरदराज गांवों से आने वाले मरीजों के लिए बार-बार शहर पहुंचना और भी मुश्किल है। सीमित परिवहन सुविधा के कारण कई ग्रामीण सुबह राजगढ़ पहुंचकर शाम को वापस लौटते हैं। ऐसे में रिपोर्ट के लिए दोबारा बुलाए जाने पर उनका समय और आने-जाने का खर्च बढ़ जाता है। मरीजों ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था सुधारने और रिपोर्ट समय पर उपलब्ध करवाने की मांग की है।