शूलिनी यूनिवर्सिटी की अनोखी पहल

बुक नुक से पढऩे, किताबें साझा करने और सस्टेनेबिलिटी को मिलेगा बढ़ावा
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने नेशनल लाइब्रेरियन डे के अवसर पर ‘बुक नुक’ पहल शुरू की है। कम्युनिटी आधारित इस ओपन लाइब्रेरी में विद्यार्थी और स्टाफ पढऩे के लिए किताब ले सकेंगे और दूसरों के लिए किताब छोड़ भी सकेंगे। चीफ लर्निंग ऑफिसर प्रो. आशू खोसला ने पहल का उद्घाटन करते हुए कहा कि किताब का ज्ञान साझा होने पर ही उसका असली महत्व सामने आता है। पहले चरण में दो बुक नुक शुरू किए गए हैं और आने वाले समय में पाइन कोर्ट के पास सीआरसी, जी-एच ब्लॉक, हॉस्टल, ई-ब्लॉक और एआई बिल्डिंग सहित अन्य स्थानों पर भी इन्हें स्थापित किया जाएगा।

योगानंद नॉलेज सेंटर के निदेशक रिटायर्ड कर्नल टीपीएस गिल ने कहा कि यह पहल किताबों के पुन: उपयोग और सस्टेनेबिलिटी का संदेश देती है। बुक नुक पुरानी मशीनों के पुन: उपयोग से तैयार किए गए हैं, जो रिड्यूस, रीयूज और रिसायकल के सिद्धांतों को दर्शाते हैं। हेड लाइब्रेरियन डॉ. पूजा ठाकुर ने कहा कि पहल विद्यार्थियों और स्टाफ को किताबें पढऩे, साझा करने और दान करने के लिए प्रेरित करेगी तथा आने वाले महीनों में इसका विस्तार
किया जाएगा।