पीरनिगाह मंदिर प्रबंधन को लेकर और तेज हुआ आंदोलन, आर-पार की जंग का ऐलान
नगर संवाददाता,ऊना
उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली पंचायत और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को ग्रामीणों ने एमसी पार्क में धरना देकर मंदिर प्रबंधन का प्रबंधन वापस पंचायत को सौंपने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर केवल पंचायत का नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था से जुड़ा है। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि वे डीसी ऊना से मुलाकात कर चुके हैं। डीसी ने उन्हें दो दिन इंतजार करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन की ओर से मिनी सचिवालय में धारा 163 को 25 अगस्त से बढ़ाकर 29 अगस्त तक किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि प्रशासन को किस बात का डर है।
अब पंचायत प्रतिनिधि व ग्रामीणेंं ने 27 अगस्त को ऊना में रोष रैली निकालने का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पूर्वज करीब 60 वर्ष से पीरनिगाह मंदिर की सेवा और व्यवस्था देखते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की चाबी जिस तरह पंचायत को सौंपी गई थी, उसी तरह वापस की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने दिनों से वे अपने हक के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे मंदिर का प्रबंधन किसी गैर के हाथों में नहीं जाने देंगे। उनका कहना है कि मंदिर पूरे गांव की आस्था और परंपरा से जुड़ा है। जब तक प्रबंधन संबंधी विवाद का समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं लोग ेअपनी मांग पर अड़े रहे और धरना जारी है।