सुक्खू का नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज: हिमाचल में ईंधन पर सर्वाधिक टैक्स थोपने वाले CM बने: राकेश जम्वाल

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा और करारा हमला बोलते हुए कहा है कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने अपने पूर्ववर्ती तमाम कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर ईंधन पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूलने का शर्मनाक कीर्तिमान अपने नाम दर्ज करा लिया है। सत्ता में आने से पूर्व जनता को लोकलुभावन गारंटियों का झांसा देने वाली कांग्रेस का असली और जनविरोधी चरित्र अब पूरी तरह उजागर हो चुका है। ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा देने वाली इस सरकार का असल मकसद केवल जनता की जेब में डकैती डालना और नए-नए करों का चाबुक चलाकर आम नागरिक का जीना दूभर करना रह गया है।

राकेश जम्वाल ने जनाक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जनवरी 2023 से लेकर अब तक इस नकारा सरकार ने हिमाचल की जनता पर तीन-तीन बार कर का चाबुक चलाया है। जनवरी 2023 में अधिसूचना संख्या EXN-F(10)-80/2021 के जरिए डीजल पर वैट की न्यूनतम दर को ₹4.40 से बढ़ाकर सीधे ₹7.40 प्रति लीटर किया गया, जिससे ₹3 प्रति लीटर की सीधी चोट जनता पर पड़ी। इतने से भी जब सुक्खू सरकार की कर-वसूली की भूख शांत नहीं हुई, तो जुलाई 2023 में आपदा से जूझती जनता के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए डीजल पर वैट की दर को पुनः ₹3 बढ़ाकर ₹10.40 प्रति लीटर कर दिया गया। केवल एक ही वर्ष में डीजल पर कुल ₹6 प्रति लीटर का अतिरिक्त डाका डालकर बागवानों, किसानों, ट्रांसपोर्टरों और दैनिक यात्रियों की कमर तोड़ दी गई। भाजपा मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अगस्त 2026 आते-आते सुक्खू सरकार ने जनता की जेब काटने का एक नया नायाब पैंतरा इजाद कर लिया। वैट कानून में गुपचुप संशोधन का खेल खेलकर पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ एवं विधवा सेस’ के नाम पर एक नया कर ठोक दिया गया। 11 अगस्त 2026 की अधिसूचना के तहत 12 अगस्त से दोनों ईंधनों पर 60 पैसे प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया है, जबकि कानून में जनता का खून चूसने के लिए ₹5 प्रति लीटर तक सेस वसूलने का क्रूर अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा गया है।

विडंबना देखिए कि राज्य में पेट्रोल पर 17.5 प्रतिशत की दर से लागू एड-वैलोरम वैट के कारण जब भी तेल कंपनियां मूल कीमत में मात्र ₹1 बढ़ाती हैं, तो हिमाचल के उपभोक्ता पर असल बोझ ₹1.18 का पड़ता है। अब यह 60 पैसे का नया सेस इस महंगाई की भड़कती आग में घी उड़ेलने का काम कर रहा है। राकेश जम्वाल ने उग्र लहजे में कहा कि इस सरकार की टैक्स-वसूली की हवस सिर्फ तेल तक सीमित नहीं है। आज प्रदेश में बिजली के बिलों से करंट लग रहा है, पीने का पानी महंगा हो चुका है, और जमीन के पर्चे, रजिस्ट्री व स्टाम्प ड्यूटी में अप्रत्याशित बढ़ोतरी करके आम इंसान से उसकी छत का हक भी छीना जा रहा है। कांग्रेस सरकार की इस प्रशासनिक नालायकी और संवेदनहीन नीतियों ने राज्य के हर वर्ग को सड़क पर ला खड़ा किया है। विधायक राकेश जम्वाल ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि झूठे वादों के बूते सत्ता में आई इस जनविरोधी और दोहरे चरित्र वाली कांग्रेस सरकार को हिमाचल की स्वाभिमानी जनता कभी माफ नहीं करेगी। प्रदेश का जन-जन इस आर्थिक अत्याचार के खिलाफ आक्रोशित है। भारतीय जनता पार्टी जनता के इस भारी जनाक्रोश को आवाज देते हुए सड़क से लेकर विधानसभा के सदन तक इस तुगलकी शासन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी और सरकार को ये जनविरोधी फैसले वापस लेने पर मजबूर करेगी।