मंदिर का संचालन मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष

पीरनिगाह मंदिर को लेकर लोगों की दोटूक, बसोली ग्राम पंचायत का धरना सातवें दिन भी जारी

नगर संवाददाता-ऊना
पीर निगाह मंदिर का संचालन वापस बसोली पंचायत को सौंपने की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और पूर्व विधायक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका आंदोलन किसी विवाद को खड़ा करने के लिए नहीं, बल्कि अपने हक की मांग को लेकर है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक मंदिर का संचालन पंचायत को वापस नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक की ओर से बसौली के लोगों पर मामले दर्ज करवाने की धमकियां दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त कार्यालय परिसर में धारा-163 लागू कर दी गई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्या अब गांव में भी धारा-163 लगाई जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीणों की आवाज को सुना जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी देने के बजाय उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए। जिला परिषद सदस्य अनु ठाकुर ने पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में बसोली की जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर विधानसभा भेजा था। इसके बावजूद धरने पर बैठे ग्रामीणों का हाल जानने के लिए वह एक दिन भी मौके पर नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी बसोली के लोगों को लेकर कई तरह की बातें कही गई थीं, लेकिन उन बयानों के लिए आज तक माफी नहीं मांगी गई। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि लगातार धरने के कारण कुछ महिला साथियों की तबीयत भी खराब हुई है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीर निगाह मंदिर का संचालन वापस बसौली पंचायत को मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। मामले में जल्द निर्णय लेकर मंदिर का संचालन वापस पंचायत को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत लंबे समय से मंदिर की व्यवस्था से जुड़ी रही है और ग्रामीण अपने अधिकार की बहाली की मांग कर रहे हैं।