विद्यार्थी ऋण और बाकी कर्ज के आबंटन में न हो देरी

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – हमीरपुर
जिला स्तरीय समीक्षा एवं बैंक सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को हमीर भवन में एडीसी अभिषेक गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की उपलब्धियों एवं निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर एडीसी ने सभी बैंक अधिकारियों से कहा कि वे आम लोगों को विभिन्न ऋण योजनाओं से जोडऩे को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इससे उनके बैंकों का कारोबार बढ़ेगा, आम लोग लाभांवित होंगे और जिला के ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशो) में भी सुधार होगा।

उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान जिला में 335.54 करोड़ रुपए के ऋण आवंटित किए गए, जो कि इस वित्त वर्ष के कुल निर्धारित लक्ष्य 2062.90 करोड़ का 18.61 प्रतिशत है। पहली तिमाही के दौरान जिला की सीडी रेशो करीब 24 प्रतिशत रही, जिसमें काफी ज्यादा सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी डा. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना और अन्य सभी सब्सिडी योजनाओं से संबंधित ऋणों की मंजूरी में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिला हमीरपुर में कृषि, पशुपालन, एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ऋण आवंटन के साथ-साथ सोलर प्लांट, शिक्षा ऋण और हाउस लोन में भी काफी अच्छी संभावनाएं हैं। बैंकों को इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। एडीसी ने कहा कि जिला में अभी 47,435 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, जबकि जिला में पीएम किसान सम्मान निधि प्राप्त करने वाले किसानों की संख्या 51,559 है।

विस्तृत जानकारी दी

अग्रणी जिला प्रबंधक धर्र्मंेद्र स्याल ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। भारतीय रिजर्व बैंक के शिमला कार्यालय के एलडीओ तरुण चौधरी ने बैंक के विभिन्न दिशा-निर्देशों से अवगत करवाया, जबकि पीएनबी आरसेटी के निदेशक अजय कतना और नाबार्ड के डीडीएम नरेश कुमार ने अपने-अपने संस्थानों की उपलब्धियों की जानकारी दी।