गिरि-गुम्मा में गाद से बिगड़ा पानी का शेड्यूल

बारिश के बीच शिमला में गहराया पेयजल संकट; कहीं एक तो कहीं दो दिन बाद मिल रहा पानी, जलापूर्ति कंपनी सफाई में जुटीं

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला में लगातार हो रही बारिश के बीच पेयजल संकट फिर गहरा गया है। गिरि और गुम्मा पेयजल योजनाओं से कम पानी आने के कारण शहर में जलापूर्ति का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। कृष्णानगर, भट्टाकुफर, टूटू, सांगटी और मल्याणा वार्ड में फिलहाल दो दिन के अंतराल के बाद पानी की सप्लाई दी जा रही है। इन क्षेत्रों के लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, शहर के कई अन्य वार्डों में एक दिन छोडक़र पानी पहुंचाया जा रहा है। बारिश के कारण पेयजल योजनाओं में गाद आने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। गिरि और गुम्मा शिमला की प्रमुख पेयजल योजनाएं हैं। इनसे पर्याप्त पानी न मिलने का सीधा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है। पेयजल कंपनी के कर्मचारी योजनाओं और जलस्रोतों में जमा गाद को साफ करने में जुटे हैं, ताकि आपूर्ति जल्द सामान्य हो सके। कंपनी के अनुसार पानी की उपलब्धता के आधार पर क्षेत्रों का शेड्यूल लगातार बदला जा रहा है। इससे लोगों को यह पता लगाने में भी परेशानी हो रही है कि अगले दिन उनके क्षेत्र में पानी आएगा या नहीं। कंपनी का प्रयास है कि सभी क्षेत्रों में कम से कम एक दिन छोडक़र सप्लाई दी जाए। गिरि और गुम्मा से पानी की उपलब्धता बढऩे पर उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां दो दिन से पानी नहीं पहुंचा है। बारिश थमने और योजनाओं में पर्याप्त पानी आने के बाद ही जलापूर्ति शेड्यूल पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।

सुबह की सप्लाई दोपहर में शिफ्ट

कम पानी उपलब्ध होने के कारण केवल अंतराल ही नहीं बढ़ा है, बल्कि सप्लाई का समय भी बदल गया है। जिन क्षेत्रों में पहले सुबह के समय पानी दिया जाता था, वहां अब दोपहर के समय पानी की आपूर्ति की जा रही है। चक्कर क्षेत्र में तो रात के समय भी पानी की सप्लाई दी जा रही है। कंपनी का प्रयास है कि उपलब्ध पानी को अलग-अलग क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार वितरित किय.२ा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक पानी पहुंचाया जा सके।

गाद साफ होते ही सप्लाई में सुधार

गिरि-गुम्मा पेयजल योजनाओं में गाद की समस्या को दूर करने के लिए गुरुवार को काम शुरू किया गया। कर्मचारियों ने तेजी से काम करते हुए दोपहर तक गाद साफ कर दी। इसके बाद व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी और शाम तक यहां से पानी की सप्लाई शुरू हो गई। इससे आने वाले समय में शहर की पेयजल व्यवस्था को राहत मिलने की संभावना है।

इन वार्डों में दो दिन बाद पानी
शहर के कृष्णानगर, भट्टाकुफर, टूटू, सांगटी और मल्याणा वार्ड में फिलहाल दो दिन छोडक़र पानी की सप्लाई दी जा रही है। इन क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं शहर के कई अन्य वार्डों में एक दिन छोडक़र पानी पहुंचाया जा रहा है। पानी की उपलब्धता के अनुसार क्षेत्रों का शेड्यूल लगातार बदला जा रहा है, जिससे लोगों को यह भी पता नहीं चल पा रहा कि अगले दिन उनके क्षेत्र में पानी आएगा या नहीं।