राजकीय टीजीटी कला संघ ने जनगणना के प्रथम चरण का मानदेय देने की उठाई मांग
कार्यालय संवाददाता — हमीरपुर
जनगणना के तहत कार्य पूर्ण कर चुके पर्यवेक्षक और प्रगणक का मानदेय भुगतना अनेकों जिलों में अब तक लंबित है। प्रथम चरण जनगणना 16 जून से 15 जुलाई के मध्य की गई, जिसके एवज में 9000 रुपए मानदेय दिया जाना था। प्रदेश के सभी जिलों में जनगणना का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। लेकिन प्रदेश के जिला हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर सहित कई खंडों में जनगणना हेतु नियुक्त स्टाफ को 9000 रुपए मानदेय की प्रतीक्षा में हैं। जबकि चंबा, सिरमौर, मंडी, किन्नौर आदि के अधिकांश खंडों में इसकी अदायगी हो चुकी है। अब जनगणना का द्वितीय चरण बर्फीली क्षेत्रों में इस समय जनगणना का द्वितीय चरण शुरू हो चुका है और फरवरी, 2027 में शेष हिमाचली जिलों में जनगणना का द्वितीय चरण शुरू होगा, जिसका मानदेय 16000 रुपए तय है। हिमाचल प्रदेश के निदेशक, जनगणना संचालन के माध्यम से गणनाकर्ता व पर्यवेक्षक के बैंक खाते में भुगतान किया जाना है, मगर पिछले दो माह से यह भुगतान हिमाचल प्रदेश के अनेकों खंडों में आज तक नहीं किया जा सका है।
इस भुगतान को तुरंत जारी करने की अपील राजकीय टीजीटी कला संघ ने जनगणना संचालन निदेशक से की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय बरवाल, प्रदेश महासचिव विजय हीर, जोन उपाध्यक्ष खुशहाल पठानिया, देशराज कालिया, रोशन लाल, विजेश अत्री, कैशियर सुभाष भारती, संयुक्त सचिव रामपाल सौंखला, जिलाध्यक्ष संजय वर्मा, नरेंद्र पूनर, कुलवीर सिंह, राकेश चौधरी आदि ने कहा कि जनगणना का मानदेय समय पर जारी किया जाना आवश्यक है और अधिकारियों को इसे एक सप्ताह में जारी करने हेतू उचित कदम उठाने चाहिए, क्योंकि अनेकों खंडों में यह भुगतान किया जा चुका है। संघ ने रोष जताया है कि समग्र शिक्षा अभियान के सेमिनार और स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षा ड्यूटी और पेपर चैकिंग के मानदेय भी अब तक लंबित हैं। शिक्षकों को ऑनलाइन कोर्स और डाक कार्यों हेतु कोई भी मोबाइल भत्ता नहीं मिल रहा है। सीबीएसई स्कूलों में स्विप्ट चैट को सैलरी से जोडऩे पर सर्वर डाउन होने पर शिक्षकों की सैलरी लटक सकती है।