नाहन कॉलेज में सजा कार्यक्रम; कवि गणेश गनी ने समकालीन कविता और हिंदी की संवेदनात्मक शक्ति पर रखे विचार
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नाहन
डा. यशवंत सिंह परमार राजकीय महाविद्यालय नाहन में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी विभाग की ओर से ‘शब्द उत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी को केवल अभिव्यक्ति की भाषा तक सीमित न रखकर विचार, संवेदना, संवाद, संस्कृति और सृजन की जीवंत परंपरा के रूप में विद्यार्थियों के बीच प्रतिष्ठित करना रहा। कार्यक्रम के मुख्यातिथि ‘आग और राग’ के चर्चित कवि गणेश गनी रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला ने की। मुख्यातिथि गणेश गनी ने समकालीन हिंदी कविता, साहित्य और भाषा की गरिमा पर विचार रखे। उन्होंने साहित्य की सामाजिक भूमिका, बदलते समय में कविता की प्रासंगिकता और भाषा की संवेदनात्मक शक्ति को रेखांकित किया।
इस दौरान उन्होंने अपनी चर्चित कविताओं ‘खच्चर और मोक्ष’, ‘जेन-जी, हमें माफ करना’ और ‘शोकगीत गाने का समय’ सहित अन्य रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। उनकी कविताओं ने समकालीन जीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं के विभिन्न पक्षों को सजीव किया। कार्यक्रम संयोजक एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जय चंद ने अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। तनुजा एवं उनकी सखियों ने सितार वादन प्रस्तुत किया, जबकि छात्र-छात्राओं ने युगल नाटियों और हिंदी गीतों से समां बांधा। मंच संचालन दिवांशी गौर और तनुजा ने किया। प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला ने हिंदी की समृद्ध परंपरा और साहित्यिक गरिमा पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से हिंदी के प्रति आत्मीयता विकसित करने तथा ज्ञान-विज्ञान एवं आधुनिक संप्रेषण के क्षेत्रों में इसके सृजनात्मक प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इस अवसर पर नारा, कविता, निबंध लेखन, भाषण और सुलेख प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।