आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यपाल कविंद्र गुप्ता, 206 छात्र हुए दीक्षित, छात्रों को पढ़ाया सत्य और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-ऊना
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो संभावित आपदाओं की पूर्व जानकारी दे और समय रहते नुकसान को कम करने में मदद करें। आईआईआईटी ऊना के युवा प्रौद्योगिकीविद इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। यह बात हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। यह समारोह आज (गुरुवार) को लता मंगेशकर कला केंद्र के सभागार में आयोजित किया गया।
राज्यपाल ने स्नातकों से हिमाचल प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुरूप आपदा प्रबंधन, कृषि, जल संरक्षण और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा की सार्थकता तब है, जब ज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने स्नातकों, उनके परिवारों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि आज का युवा भारत का भविष्य ही नहीं, भारत का भाग्य भी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान की खोज का माध्यम है, जो नए विचारों, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की राह खोलती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहस के साथ सामना करने और अपनी क्षमता के बल पर आगे बढऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा के ये दिल मांगे मोर के जज्बे का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं का मार्गदर्शन किया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर एचपीएसआईडीसी के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. राम कुमार, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, शासी मंडल एवं सीनेट के सदस्य, संकाय सदस्य, अभिभावक तथा संस्थान समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
206 विद्यार्थियों ने हासिल की उपाधि
आईआईआईटी ऊना के 8वें दीक्षांत समारोह में कुल 206 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 189 बी.टेक. और 17 एम.टेक. (सीएसई-डेटा साइंस) के विद्यार्थी शामिल हैं। एम.टेक. सीएसई (डेटा साइंस) के प्रथम बैच के विद्यार्थी भी इस अवसर पर दीक्षित हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने शैक्षणिक सत्र की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने अकादमिक, प्लेसमेंट, अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। बी.टेक. के स्नातक बैच ने 95.86 प्रतिशत प्लेसमेंट दर दर्ज की। प्लेसमेंट के लिए उपस्थित 169 विद्यार्थियों में से 162 का चयन हुआ। 53.6 लाख प्रति वर्ष का उच्चतम पैकेज और 13.46 लाख े प्रति वर्ष का औसत पैकेज मिला।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए पदक
बी-टेक सीएसई में वंश गाबा ने 9.21 सीजीपीए के साथ स्वर्ण, अमृतांश झा ने 9.16 के साथ रजत और पारस त्यागी ने 9.10 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बीटेक ईसीई में चंद्रादित्य परमार ने 9.43 के साथ स्वर्ण, कौस्तुभ अग्रवाल ने 9.31 के साथ रजत और शर्मा विवेक अनिलकुमार ने 9.17 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया। बीटेक आईटी में अंशिका अरोड़ा और हर्ष यादव ने 9.19 के साथ स्वर्ण, तुषार ने 8.79 के साथ रजत तथा आर्यन आर्या ने 8.74 के साथ कांस्य पदक हासिल किया। एम-टेक सीएसई (डेटा साइंस) में अंकुर शर्मा ने 8.73 के साथ स्वर्ण, शिवांगी ठाकुर ने 8.24 के साथ रजत और किशन श्रीवास्तव ने 8.23 के साथ कांस्य पदक प्राप्त किया।