वन रेंज में अवैध खैर कटान पर नहीं लग रहा अंकुश, वन संपदा की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
निजी संवाददाता-डमटाल
नूरपुर वन मंडल के अधीन आने वाली भदरोया वन रेंज में अवैध खैर कटान के मामले लगातार सामने आने से वन संपदा की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कार्रवाई के दौरान अब तक 37 अवैध खैर के मोच्छे बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद कटान की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने से वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बताया जा रहा है कि भदरोया वन रेंज में पिछले करीब एक वर्ष से खैर के पेड़ों के अवैध कटान के मामले सामने आते रहे हैं। ताजा मामला वन रेंज कार्यालय से कुछ ही दूरी का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब रेंज कार्यालय आसपास मौजूद है, तो जंगलों में नियमित गश्त और निगरानी किस स्तर पर की जा रही है।
भदरोया क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 37 खैर के मोच्छे बरामद होने की सूचना ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जंगलों में नियमित निगरानी और गश्त प्रभावी ढंग से की जाती, तो इतनी बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी काटकर एकत्र करने का मौका कैसे मिला। मामले की पुष्टि करते हुए डीएफओ संदीप कोहली ने बताया कि कुल पांच खैर के पौधे काटे गए हैं, जिनमें एक पौधा वन भूमि से तथा चार पौधे ठाकुर राम गोपाल मंदिर की भूमि से काटे गए हैं। अब सवाल यह है कि भदरोया वन रेंज में लगातार सामने आ रहे खैर कटान के मामलों और 37 मोछों की बरामदगी के बाद वन विभाग क्या ठोस कदम उठाता है।