सेब सीजन धीमा, बागबानों को मिले बेहतर दाम

सोलन-परवाणू मंडियों में अब तक 112.19 करोड़ का कारोबार, पिछले साल के मुकाबले आवक करीब एक-तिहाई
निजी संवाददाता-सोलन
मौसम की मार के चलते इस वर्ष हिमाचल में सेब उत्पादन प्रभावित होने का असर सोलन और परवाणू सेब मंडियों में भी देखने को मिला है। दोनों मंडियों में सेब की आवक पिछले सीजन की तुलना में काफी कम रही है। हालांकि, कम आवक के बावजूद बागवानों को मंडियों में सेब के बेहतर दाम मिलने से राहत मिली है। एपीएमसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन और परवाणू मंडियों में अब तक करीब 112 करोड़ 19 लाख रुपए का सेब कारोबार दर्ज किया जा चुका है। इस वर्ष प्रदेश के विभिन्न सेब उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों का फसल पर असर पड़ा। इसके चलते बागबानों को अपेक्षित मात्रा में उत्पादन नहीं मिल पाया। उत्पादन कम होने का सीधा प्रभाव सोलन और परवाणु मंडियों में पहुंचने वाली सेब की खेप पर पड़ा है।

मंडी समिति के अनुसार इस सीजन में अभी तक दोनों मंडियों में पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक-तिहाई सेब ही पहुंच पाया है। कम आवक के कारण मंडियों में पिछले सीजन जैसी चहल-पहल देखने को नहीं मिली, लेकिन दूसरी ओर बागवानों को अपनी उपज के अपेक्षाकृत अच्छे दाम प्राप्त हुए हैं। ऐसे में कम उत्पादन के बीच बेहतर कीमतें बागवानों के लिए कुछ राहत लेकर आई हैं। सेब उत्पादकों का एक बड़ा वर्ग अपनी उपज को सोलन और परवाणु मंडियों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भेज रहा है।

बाहरी राज्यों के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा सेब
मंडी समिति के अध्यक्ष रोशन लाल ठाकुर ने बताया कि इस बार मौसम की वजह से सेब की फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते सोलन और परवाणू मंडियों में सेब की आवक पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक-तिहाई रह गई है। उन्होंने बताया कि कम आवक के बावजूद दोनों मंडियों में अब तक करीब 112 करोड़ 19 लाख रुपए का कारोबार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि मंडियों के माध्यम से हिमाचली बागवानों की सेब की उपज को बाहरी राज्यों के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे बागबानों को अपनी फसल बेचने के लिए बाजार उपलब्ध हो रहा है।