शिमला सिटी में नए निर्माण पर रोक

आपत्तियां मांगी; रिज से संजौली, छोटा शिमला और ओकओवर से ऊपर का क्षेत्र नो कंस्ट्रक्टशन जोन

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-शिमला
शिमला प्लानिंग एरिया के विकास योजना के चैप्टर-17 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए शहर के एक बड़े हिस्से को नो कंस्ट्रक्शन जोन (निर्माण निषिद्ध क्षेत्र) घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में अब नए भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं होगी। हालांकि मौजूदा भवनों के पुराने स्वरूप और निर्धारित बिल्डिंग लाइन के अनुसार पुनर्निर्माण तथा सरकारी एवं जनहित की परियोजनाओं को छूट दी गई है। इस बारे में राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफाई कर दिया है। इसकी प्रति टीसीपी निदेशक, टाउन एंड कंट्री प्लानर द$फतर और नगर निगम कमीशनर के द$फतर में उपलब्ध है। यदि किसी को आपत्ति है तो 30 दिन के भीतर इनमें से किसी भी एक कार्यालय में लिखित में दे सकता है।

संशोधन के तहत नो कंस्ट्रक्शन जोन की सीमा संजौली चौक से शुरू होकर रिज-संजौली रोड, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज, आईजीएमसी, लक्कड़ बाजार और द रिज तक तय की गई है। इसके बाद सीमा द मॉल रोड की ओर बढ़ते हुए रानी झांसी पार्क, शिल्ली चौक, इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर और क्लाक्र्स होटल को शामिल करेगी। शिल्ली चौक से सीमा ओक ओवर होते हुए छोटा शिमला चौक तक जाएगी। इसके बाद सर्कुलर रोड के रास्ते हिमफेड पेट्रोल पंप, नवबहार चौक और संजौली स्थित तांतिया मल्टी-लेवल कार पार्किंग से होकर वापस संजौली चौक तक पहुंचेगी। इस तरह निर्धारित क्षेत्र एक बंद सीमा के रूप में नो कंस्ट्रक्शन जोन होगा।

पुराने भवनों के पुनर्निर्माण को छूट मिलेगी

नए नियमों के अनुसार मौजूदा भवन का पुनर्निर्माण किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए भवन को पुरानी बिल्डिंग लाइन पर ही बनाया जाना अनिवार्य होगा। पुनर्निर्माण में प्लिंथ एरिया, भवन का फुटप्रिंट, मंजिलों की संख्या और भवन की ऊंचाई आदि पुराने भवन के समान रखनी होगी। इसके अलावा सरकारी परियोजनाओं और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को भी नो कंस्ट्रक्शन जोन में अनुमति दी जा सकेगी।