शूलिनी विवि में बायोएआई-एडवांस्ड बायोइन्फॉर्मेटिक्स लैब शुरू

एआई, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी के जरिए कैंसर व ड्रग डिस्कवरी पर होगा शोध

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
शूलिनी यूनिवर्सिटी ने अपने कैंसर रिसर्च सेंटर में बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड बायोइन्फॉर्मेटिक्स लैब की शुरुआत की है। नई सुविधा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी को एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य बायोलॉजी और हेल्थकेयर क्षेत्र में उन्नत शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना है। लैब का उद्घाटन यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के सीनियर लेक्चरर एवं डायरेक्टर ऑफ इंटरनेशनलाइजेशन डा. एंथनी कैलानन और चांसलर फेलो डा. रियानॉन ग्रांट ने किया।

वाइस चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि एआई वैज्ञानिक शोध के तरीकों को तेजी से बदल रहा है। नई लैब के माध्यम से बायोटेक्नोलॉजी और बायोमेडिकल रिसर्च में कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भविष्य की तकनीकी दक्षताओं से लैस किया जाएगा। डीन प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि डेटा आधारित बायोटेक्नोलॉजी के दौर में एआई और कंप्यूटेशनल कौशल बेहद जरूरी हैं। लैब में एनवीआईडीआईए जीपीयू ब्लैकवेल सिस्टम और एडवांस्ड आईमैक सिस्टम सहित आधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां जीनोमिक्स, मॉलिक्यूलर मॉडलिंग, कंप्यूटेशनल बायोलॉजी, कैंसर बायोलॉजी और ड्रग डिस्कवरी से जुड़े शोध को बढ़ावा मिलेगा।