नौ फीसदी ब्याज समेत रकम लौटाने के आदेश, ग्राहक की शिकायत अनसुनी करना पड़ा भारी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के नाम पर ग्राहकों को खराब उत्पाद थमाना और फिर शिकायत की अनदेखी करना एक नामी कंपनी को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कांगड़ा स्थित धर्मशाला ने एक अहम फैसले में ओकिनावा ऑटोटेक प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह ग्राहक को उसके खराब इलेक्ट्रिक स्कूटर की पूरी कीमत नौ फीसदी ब्याज के साथ लौटाए। इसके साथ ही, उपभोक्ता को हुई मानसिक प्रताडऩा और कानूनी खर्च की भरपाई के लिए कंपनी और उसके डीलरों पर कुल 30,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पालमपुर तहसील के लंबापट्ट गोपालपुर निवासी सुमित कुमार ने सितंबर 2023 में 1,01,245 रुपए खर्च करके ओकिनावा का प्रेज प्रो मॉडल का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था, लेकिन कुछ ही दिन में स्कूटर के डिजिटल डिस्प्ले ने काम करना बंद कर दिया, जिससे स्पीड, ओडोमीटर और बैटरी स्टेटस दिखना बंद हो गया। कुछ समय बाद हैडलाइट भी खराब हो गई और 15 दिसंबर 2024 को स्कूटर ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया, क्योंकि उसकी बैटरी ने चार्ज लेना छोड़ दिया था। सुमित ने बार-बार कंपनी और डीलर ओकिनावा गो-ग्रीन ऑटोमोबाइल्स और प्रतिष्ठा ऑटोमोबाइल्स से शिकायत की और ईमेल भेजे, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञ न होने का हवाला देकर उनकी कोई मदद नहीं की गई।
परेशान होकर शिकायतकर्ता ने 28 फरवरी 2025 को उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा और सदस्यों सुश्री आरती सूद और नारायण ठाकुर की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद स्पष्ट किया कि बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की जान होती है। वारंटी अवधि के भीतर एक साथ इतने सारे अहम पुर्जों का खराब होना और फिर आयोग के निर्देश के बावजूद समय पर मरम्मत न करना, मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट और सेवाओं में भारी कमी को दर्शाता है। आयोग ने ओकिनावा ऑटोटेक को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 1,01,245 रुपए की पूरी राशि शिकायत दर्ज करने की तिथि से 9 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ वापस करे। साथ ही, सभी विपक्षी पार्टियों (कंपनी और डीलरों) को संयुक्त रूप से 20,000 का मुआवजा और 10,000 मुकदमे का खर्च देने का भी निर्देश दिया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पूरी राशि चुकाने के बाद ही कंपनी उस कबाड़ हो चुके स्कूटर को अपने कब्जे में ले सकेगी।