अतिक्रमण पर फिर कसा शिकंजा, 50 कब्जे हटाए

प्रशासन ने कार्रवाई कर काटे 20 चालान; 20 हजार का जुर्माना, दोबारा कब्जा करने वालों पर भी रहेगी नजर

निजी संवाददाता सोलन
शहर में अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। पिछले तीन दिनों से जारी अभियान में अब तक करीब 50 अतिक्रमण हटाए गए हैं, जबकि 20 चालान काटे गए हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 20 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हडक़ंप मचा हुआ है। गुरुवार को भी उपमंडलाधिकारी सोलन नीरजा शर्मा की अध्यक्षता में प्रशासन की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में दबिश देकर सडक़ किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण हटाए। इस दौरान कई जगहों से सामान और अस्थायी ढांचे भी हटाए गए। एसडीएम नीरजा शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बाद दोबारा उसी स्थान पर अतिक्रमण न हो, इसके लिए प्रशासन समय-समय पर निरीक्षण करेगा। करीब 15 दिन से एक माह के भीतर दोबारा अभियान चलाने की योजना है। उन्होंने कहा कि केवल एक बार कार्रवाई करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। कई बार अतिक्रमण हटाने के बाद कुछ समय बीतते ही दोबारा कब्जा कर लिया जाता है। ऐसे में प्रशासन नियमित अभियान के माध्यम से अतिक्रमण पर नजर रखेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से अभियान में सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सडक़ों और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के साथ सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित रखना है।

अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर लोगों में असमंजस

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन उस दौरान अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए थे। अब दोबारा टीम पहुंची है और अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जा रहा है। यदि प्रशासन की ओर से पहले ही स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए जाते तो वे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर लेते। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले सभी को उचित समय और स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।