राशन डिपुओं में अब चेहरे से होगी पहचान

पीओएस मशीनों में जुड़े नए फीचर; कार्ड स्वाइप से होगा भुगतान, अक्तूबर से सुविधा शुरू करने की तैयारी

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राशन डिपुओं में उपभोक्ताओं को अब बायोमीट्रिक और ओटीपी की दिक्कतों से राहत मिलने वाली है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राशन वितरण में इस्तेमाल होने वाली पीओएस मशीनों को नए फीचर से लैस किया है। इनमें ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ के साथ बिल भुगतान के लिए ‘कार्ड स्वाइप’ की सुविधा भी शामिल की गई है। विभाग अक्तूबर से नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी में है। जिले के 550 से अधिक राशन डिपुओं से करीब दो लाख उपभोक्ता राशन लेते हैं। वर्तमान में कई बार बायोमीट्रिक सत्यापन नहीं होने या ओटीपी समय पर नहीं पहुंचने से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। नेटवर्क की समस्या वाले क्षेत्रों में यह दिक्कत अधिक सामने आती है।

नई व्यवस्था में बायोमीट्रिक सत्यापन में परेशानी आने पर चेहरे के माध्यम से उपभोक्ता की पहचान की जा सकेगी। पीओएस मशीनों में कार्ड स्वाइप की सुविधा जुडऩे से राशन के बिल का भुगतान भी डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा। इससे छोटे भुगतान के दौरान छुट्टे पैसे की समस्या से उपभोक्ता और डिपो संचालक दोनों को राहत मिलेगी। विभाग ने नई पीओएस मशीनों के फीचर को लेकर डिपो संचालकों को प्रशिक्षण भी दिया है। जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि पीओएस मशीनों में फेस ऑथेंटिकेशन और कार्ड स्वाइप समेत कई नए फीचर जोड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि नेटवर्क संबंधी दिक्कतों के कारण कई स्थानों पर ओटीपी समय पर नहीं पहुंचता था। फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा से ऐसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये फायदे
पीओएस मशीनों को नए फीचर से लैस किया गया है। इसमें फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा शामिल है। मशीन में उपभोक्ता की पहचान चेहरे के माध्यम से भी की जा सकेगी। इसके अलावा बिल भुगतान के लिए डिजिटल विकल्प के तौर पर कार्ड स्वाइप की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। इसके अलावा बायोमीट्रिक, ओटीपी, आईरिस स्कैनिंग और आउटडोर एंटीना का प्रोविजन मिलेगा।