गायनी ओपीडी फिर से शुरू करने की उठाई मांग, जनवादी महिला समिति की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) की गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में स्थानांतरित करने के फैसले के विरोध में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने मंगलवार को सचिवालय मार्च किया। बड़ी संख्या में महिलाएं छोटा शिमला गुरुद्वारा के पास एकत्रित हुईं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ओपीडी को वापस केएनएच में शुरू करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने ‘केएनएच की शिफ्टिंग नहीं चलेगी’ और ‘स्वास्थ्य का निजीकरण नहीं चलेगा’ के नारे लगाए। समिति ने अभियान के तहत एक लाख से अधिक लोगों से करवाए गए हस्ताक्षर भी सरकार को सौंपे। समिति की राज्य महासचिव फालमा चौहान ने कहा कि ओपीडी शिफ्ट होने से महिलाओं और मरीजों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि मरीजों को कभी आईजीएमसी तो कभी केएनएच भेजा जा रहा है। समिति पिछले छह माह से इस मुद्दे पर आंदोलन कर रही है और केएनएच को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार की मांग की। फालमा चौहान ने कहा कि महिलाओं की इस लड़ाई को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती। उन्होंने कहा कि समिति केएनएच को किसी भी कीमत पर उजडऩे नहीं देगी और आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। सचिवालय मार्च के दौरान छोटा शिमला में प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढऩे से रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ देर स्थिति तनावपूर्ण रही। प्रदर्शनकारी महिलाएं अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करती रहीं।
यातायात भी रहा प्रभावित
प्रदर्शन के चलते छोटा शिमला में कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। संजौली-ओल्ड बस स्टैंड मार्ग पर बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही रुकने से जाम की स्थिति बनी रही। प्रदर्शन समाप्त होने और स्थिति सामान्य होने के बाद यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया गया।