तकनीकी शिक्षा मंत्री बोले, 20 सितंबर तक सभी पात्र परिवारों का चयन सुनिश्चित करें
निजी संवाददाता-घुमारवीं
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत ग्राम पंचायत पनोह में घुमारवीं, दकड़ी, फटोह, बकरोआ में औहर, बकरोआ, अमरपुर, पनोल और अवररी खलीन में पात्र परिवारों से जन संवाद किया। राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू की गई है। प्रदेश के करीब दो लाख अति निर्धन परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का शुभारंभ गांधी जयंती के अवसर पर आगामी दो अक्तूबर को किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोडऩा, उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना और दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बनाना है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि योजना तैयार करते समय विशेष रूप से उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं तथा विभिन्न कारणों से अब तक सरकारी योजनाओं की मुख्यधारा से बाहर रहे हैं। योजना में अनाथ बच्चों वाले परिवारों, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं के परिवारों, ऐसे परिवार जिनमें 27 से 59 वर्ष की आयु के बीच कोई सक्षम कमाने वाला सदस्य नहीं है, तथा गंभीर बीमारी या दिव्यांगता के कारण कमाने वाले सदस्य के असमर्थ होने वाले परिवारों को शामिल किया गया है। अत्यंत कम आय वाले तथा मनरेगा में कार्य करने वाले जरूरतमंद परिवारों को भी पात्रता के दायरे में रखा गया है। उन्होंने कहा कि परिवार की वार्षिक आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये तथा कमाने वाले सदस्य की दिव्यांगता की पात्रता को 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया गया है।सरकार का प्रयास है कि ऐसे परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचना जरूरी है और इसी सोच के साथ सरकार ने योजना का स्वरूप तैयार किया है।