250 से ज्यादा शोधार्थियों ने प्रस्तुत किए शोधपत्र

आईईसी यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में नवीन शोध और तकनीकी विकास पर हुआ मंथन

्र्रदिव्य हिमाचल ब्यूरो-बद्दी
आईईसी यूनिवर्सिटी में ‘मटीरियल्स और फार्मास्यूटिकल साइंसेज में तकनीक के वर्तमान परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सीपीटीएमपीएस-2026 संपन्न हो गई। नौ से 11 सितंबर तक आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से 250 से अधिक शोधार्थियों, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। कॉन्फ्रेंस के दौरान रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, फार्मेसी, गणित और इंजीनियरिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवीन शोध एवं तकनीकी विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। आईईसी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार पुरी ने मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शोध एवं नवाचार को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्य वक्ताओं के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला के डॉ. नीरज गुप्ता, श्रीनिधि यूनिवर्सिटी हैदराबाद के डॉ. एस.वी.एन. पम्मी, नाइपर मोहाली के डॉ. मंजिंदर सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के डॉ. राकेश कुमार तथा चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली के डॉ. अंकित कुमार दुबे ने अपने शोध अनुभव और विचार साझा किए।

तीन दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने मौखिक प्रस्तुतियों और पोस्टर के माध्यम से शोधपत्र प्रस्तुत किए। इनमें से तीन उत्कृष्ट प्रस्तुतकर्ताओं का चयन कर उन्हें नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर डीएए डॉ. ज्योति गुप्ता ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, मुख्य वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक एवं शोध आधारित आयोजनों से विशेषज्ञों और शोधार्थियों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलता है। इससे गुणवत्तापूर्ण एवं नैतिक शोध को बढ़ावा मिलने के साथ शोधार्थियों को नए विचारों और तकनीकों पर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।