ऊना में सर्पदंश दिवस पर सजा जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम, सीएमओ डाक्टर संजीव वर्मा रहे मौजूद
दिव्य हिमाचल ब्यूरो,ऊना
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला ऊना द्वारा क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य चिक्तिसाधिकारी डा.संजीब वर्मा ने अपने संदेश में बताया कि बरसात के मौसम में सर्पदंश के मामले लगातार बढ़ जाते हैं। लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 19 सितंबर को सर्पदंश जागरूकता दिवस मनाया जाता है। सर्पदंश के बाद काटे गए स्थान पर तेज दर्द, जलन, सूजन, उल्टी, चक्कर, पसीना, मांसपेशियों में ऐंठन, पलकों का गिरना, दो-दो दिखाई देना, हाथ-पैरों में झनझनाहट तथा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने कहा कि सर्पदंश से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। लंबी घास, पत्तियों के ढेर, चट्टानों तथा लकड़ी के ग_ों जैसी जगहों पर विशेष सावधानी बरतें। सांप दिखाई देने पर उसे छेडऩे के बजाय दूर रहने दें। ऐसी जगह काम करते समय लंबे और मजबूत जूते पहनें तथा हाथ-पैरों को ढककर रखें। बीसीसी समन्वयक कंचन माला ने कहा कि सांप के काटने पर घबराएं नहीं और पीडि़त व्यक्ति को शांत एवं स्थिर रखें। एंबुलेंस बुलाकर पीडि़त को पास के स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं। झाड़-फूंक या अन्य घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें। जिला ऊना के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है।
हिमकैप्स की छात्राओं ने नाटिका से किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान हिमकैप्स नर्सिंग संस्थान की छात्राओं ने सर्पदंश से बचाव एवं उपचार को लेकर लघु नाटिका प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया। उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर आरबीएसके की डॉ. निधि रतन, हिमकैप्स नर्सिंग ट्यूटर प्रियंका ठाकुर, सोनिका, वंदना तथा जसविंदर टोहरा सहित अन्य उपस्थित रहे।