अब नेहली के साथ लालढांग भी लगी खिसकने

नाहन-ददाहू मार्ग पर लगातार भूस्खलन; सिंगल वे सडक़ बनी बड़ी परेशानी, ट्राला पलटने से 16 घंटे बंद रहा रोड
कार्यालय संवाददाता-नाहन
जिला सिरमौर के मुख्य जिला मार्ग नाहन-ददाहू-हरिपुरधार पर लगातार भूस्खलन और भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। नेहली के साथ अब लालढांग के पास भी मार्ग अवरुद्ध होने लगा है। दो से आठ सितंबर तक लगातार चट्टानें खिसकने के कारण मार्ग करीब एक सप्ताह तक बंद रहा। इसके बाद 10 सितंबर को रेणुकाजी-ददाहू की ओर लोहे के गार्डर लेकर जा रहा बड़ा ट्राला बीच सडक़ पर पलट गया, जिससे करीब 16 घंटे यातायात बाधित रहा। बीते 24 घंटे में बारिश के दौरान नेहली के पास चट्टानें खिसकने से करीब पांच घंटे मार्ग बंद रहा। इसी दौरान लालढांग के पास भू-स्खलन होने से भी मार्ग कई घंटे अवरुद्ध रहा। मुख्य जिला मार्ग 1960 के दशक से संपूर्ण गिरिपार क्षेत्र, श्रीरेणुकाजी तीर्थ, शक्तिपीठ माता भंगायणी हरिपुरधार और राष्ट्रीय परियोजना रेणुकाजी बांध को जोडऩे वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन नाहन, कालाअंब और दोसडक़ा होते हुए शिमला की ओर आवाजाही करते हैं। रेणुकाजी क्षेत्र को मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन से जोडऩे वाला यह प्रमुख मार्ग सिंगल वे होने के कारण अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।

बरसात के दौरान भूस्खलन के अलावा ओवरलोड मालवाहक वाहनों के खराब होने से भी मार्ग कई बार बाधित रहता है। रेणुकाजी बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बांध स्थल तक भारी मशीनरी और संसाधन पहुंचाने के लिए बड़े-बड़े ट्राले इसी मार्ग से आ रहे हैं। पहले निर्माण सामग्री को सतौन-चांदनी मार्ग से ले जाने की योजना थी, लेकिन अब मुख्य जिला मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। तंग मोड़ों और सिंगल वे सडक़ के कारण इनके पलटने से यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग को डबल लेन करने की मांग उठा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार दोसडक़ा से रेणुकाजी तक मार्ग की वाइडनिंग और डबल लेन के लिए डीपीआर तैयार है, लेकिन बजट के अभाव में योजना आगे नहीं बढ़ सकी। विभाग का कहना है कि अवरुद्ध मार्गों को मशीनरी की मदद से बहाल किया जा रहा है। वहीं, रेणुकाजी बांध परियोजना के तहत भी मार्ग को चौड़ा करने की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है।