नेत्रदान के लिए भरे जा रहे शपथपत्र

डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज नाहन में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा पर नेत्रदान का दिया जा रहा संदेश

कार्यालय संवाददाता – नाहन
आपके बाद भी आपकी आंखों से कोई दुनिया देख सके के लिए नेत्रदान के लिए आगे आकर महादान में आहुति देना सर्वोत्तम मानवता का उदाहरण है। यह संदेश डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज एवं हॉस्पिटल नाहन के तहत 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत नेत्ररोग विभाग के तहत लोगों को दिया जा रहा है। डा. वाईएस परमार मेडिकल कालेज नाहन में 25 अगस्त से आठ सितंबर तक डोनेट आई, गिफ्ट साइट व ट्रांसफर लाइफ यानि आंखें दान करें, रोशनी का उपहार दें और जीवन बदलें की थीम के साथ 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आयोजित किया जा रह है। मेडिकल कालेज नाहन की नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. शालू गुप्ता ने बताया कि इस दौरान नेत्रदान की संपूर्ण जानकारी लोगों को जागरूकता पंपलेट वितरण व संवाद कर जहां दी जा रही है तो वहीं नेत्रदान के लिए पंजीकरण व शपथ पत्र भी भरे जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि नेत्र रोग दो वर्ष की उम्र के बाद कोई भी स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है। उन्होंने बताया कि नेत्रदान में पहले शपथ पत्र अथवा पंजीकरण किया जाता है। वहीं व्यक्ति के मृत हो जाने के बाद पहले छह घंटों से पूर्व नेत्र के कॉर्निया भाग को नेत्र को निकाल कर सुरक्षित रख लिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह से एक व्यक्ति दुनिया से जाने के बाद भी दो व्यक्तियों को अपनी आंखें दान कर उनका संसार रोशन कर सकता है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के लिए सभी तरह की भ्रांतियों को दूर कर स्वेच्छा से मानवता के कल्याण के लिए नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए। उधर नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डा. शालू गुप्ता ने बताया कि आंखें कुदरत की इंसान को अमूल्य नियामत है। लोगों को नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए।