घटिया बीज के कारण गगरेट के किसानों को हो गया लाखों का नुकसान; फिर करनी होगी बिजाई, खरीदते वक्त बेहतर गुणवत्ता का दिया गया था भरोसा
स्टाफ रिपोर्टर-गगरेट
आलू उत्पादन का सरताज कहे जाने वाले जिला ऊना में इस बार जालंधर से लाए गए पुखराज वैरायटी के आलू बीज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि बुआई के करीब 25 दिन बाद भी बीज जमीन से बाहर नहीं निकला। खेतों में बीज की स्थिति जांचने के लिए किसानों ने उसे उखाडक़र देखा तो कई जगह बीज सड़ा हुआ मिला। इससे किसानों को आलू की फसल तैयार होने से पहले ही लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के प्रगतिशील कृषक रजनीश रिंटू, भूपिंदर, अजय शर्मा, अशोक कुमार मोनू और पिंटू सहित अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने इस बार जालंधर के एक आलू बीज विक्रेता से पुखराज वैरायटी का बीज खरीदा था। विक्रेता की ओर से उन्हें बीज की गुणवत्ता बेहतर होने का भरोसा दिलाया गया था। किसानों के मुताबिक करीब 1200 बोरी बीज जालंधर से लाया गया, लेकिन बुआई के बाद अपेक्षित जमाव नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि करीब 25 दिन बीत जाने के बावजूद खेतों में आलू के पौधे नहीं निकले। संदेह होने पर जब कुछ स्थानों पर बीज को उखाडक़र देखा गया तो वह सड़ा हुआ मिला। अब किसानों को खराब बीज निकालकर खेतों में दोबारा बुआई करनी पड़ रही है। इससे न केवल दोबारा बीज और मजदूरी का खर्च बढ़ गया है, बल्कि आलू की फसल भी निर्धारित समय से पीछे हो गई है।
गगरेट में दो हजार हेक्टेयर में होती है खेती
गगरेट क्षेत्र में बड़े स्तर पर आलू की खेती की जाती है। किसानों के अनुसार अकेले गगरेट क्षेत्र में करीब 1500 से 2000 हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल होती है। क्षेत्र के अधिकांश किसान आलू का बीज पंजाब से खरीदकर लाते हैं। किसानों ने बताया कि एक समय कृषि विभाग के बीज वितरण केंद्रों के माध्यम से भी आलू का बीज उपलब्ध करवाया गया था, लेकिन किसानों की ओर से बीज खरीदने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई गई। इसके बाद विभाग की ओर से दोबारा आलू का बीज नहीं मंगवाया गया। ऐसे में किसानों को निजी विक्रेताओं से पंजाब से ही बीज खरीदना पड़ रहा है।
किसानों को फिर करनी पड़ रही बिजाई
किसानों ने बताया कि आलू की समय पर बिजाई होने से उन्हें उम्मीद थी कि फसल भी समय पर तैयार होगी और शुरुआती सीजन में अच्छे दाम मिल सकते हैं। लेकिन खराब बीज के कारण दोबारा बुआई करनी पड़ रही है। ऐसे में फसल पिछडऩे से अच्छे दाम की उम्मीद प्रभावित हुई है।
किसानों ने नहीं दिखाई रुचि
कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि किसानों ने कृषि विभाग के बीज वितरण केंद्रों से आलू का बीज खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। इसी वजह से इस बार विभाग की ओर से आलू का बीज नहीं मंगवाया गया।
पुखराज पर सबसिडी नहीं
उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक प्रेम चंद का कहना है कि पुखराज बीज सीधा कोल्ड स्टोर से आता है और इस पर सब्सिड़ी नहीं होती। यही वजह है कि किसान इसे खरीदते नहीं हैं।