सडक़ के गड्ढों में अटकी हरिपुरधार के पर्यटन की रफ्तार

तीन-चार साल से बदहाल मार्ग से पर्यटक लौट रहे वापस, 10 किलोमीटर सडक़ की टायरिंग की तैयारी; 15 सितंबर तक टेंडर

निजी संवाददाता-नौहराधार
नौहराधार और हरिपुरधार की खूबसूरत वादियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं, लेकिन बदहाल सडक़ें उनकी राह में रोड़ा बनी हुई हैं। रेणुकाजी और संगड़ाह तक पहुंचने के बाद हरिपुरधार की खराब सडक़ देखकर कई पर्यटक अपना कार्यक्रम रद्द कर वापस लौट रहे हैं। पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार बिगड़ रही सडक़ की हालत का सीधा असर क्षेत्र के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। गड्ढों और उखड़ी सडक़ के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, वहीं होटल, होम-स्टे, ढाबा, टैक्सी और छोटे कारोबारियों का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। हरिपुरधार-कुपवी क्षेत्र को नाहन से जोडऩे वाली यह सडक़ क्षेत्र की लाइफ लाइन होने के साथ पर्यटन की मुख्य कड़ी है। प्राकृतिक सौंदर्य, ठंडे मौसम और धार्मिक स्थलों के कारण हरिपुरधार में बाहरी राज्यों से पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन खराब सडक़ अब क्षेत्र की पर्यटन छवि पर भारी पड़ रही है।

हालांकि अब लोक निर्माण विभाग ने सडक़ के प्रमुख खराब हिस्सों को पक्का करने की कवायद शुरू कर दी है। सुंदरघाट से बडिय़ालटा तक करीब सात किलोमीटर तथा सैलपाब से मां भंगायणी मंदिर तक सडक़ की टायरिंग की जाएगी। कुल करीब 10 किलोमीटर मार्ग को सुधारने की तैयारी है। विभाग के अनुसार 15 सितंबर तक टेंडर आमंत्रित किए जा सकते हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद मौसम अनुकूल रहा तो अक्तूबर में टायरिंग का कार्य शुरू होगा। हरिपुरधार का मौसम इस परियोजना के लिए चुनौती बन सकता है। अक्तूबर में तापमान टारिंग के अनुकूल नहीं रहा तो काम अगले वर्ष अप्रैल तक टल सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और कारोबारियों की नजर अब टेंडर प्रक्रिया पर टिकी है। उन्हें उम्मीद है कि सडक़ सुधरने के बाद हरिपुरधार में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी और पर्यटन कारोबार फिर रफ्तार पकड़ेगा। उधर, एक्सईएन संगड़ाह खजान सिंह ने बताया कि सुंदरघाट-बडिय़ालटा और सैलपाब से मां भंगायणी मंदिर तक सडक़ को जल्द पक्का किया जाएगा। 15 सितंबर तक टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे और मौसम अनुकूल रहा तो अक्तूबर में टायरिंग शुरू कर दी जाएगी।