5जी-6जी तकनीक पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, तीन दिन में नौ मुख्य वक्ता शोध और नवाचार पर करेंगे मंथन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी) वाकनाघाट में मोबाइल रेडियो कम्युनिकेशन और 5जी नेटवर्क पर सातवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एमआरसीएन-2026 का शुभारंभ हुआ। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित नौ देशों के शोधकर्ता, शिक्षाविद, उद्योग जगत के पेशेवर और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में 5जी और भविष्य की 6जी तकनीक से जुड़े शोध एवं नवाचार पर चर्चा होगी। जेयूआईटी के कुलपति प्रो. आरके शर्मा ने सामाजिक विकास के लिए शोध सहयोग और तकनीकी प्रगति के महत्व पर जोर दिया। मुख्यातिथि आईआईटी रुडक़ी के प्रो. प्यारी मोहन प्रधान ने 5जी और 6जी तकनीकों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। डीन (आर एंड आई) प्रो. सुधीर कुमार ने विश्वविद्यालय में 5जी और 6जी तकनीकों पर चल रहे शोध एवं नवाचार गतिविधियों की जानकारी दी।
डीन (ए) एवं सम्मेलन की जनरल चेयर प्रो. श्रुति जैन ने जेयूआईटी की शैक्षणिक एवं शोध पहलों पर प्रकाश डाला। ईसीई विभाग की एचओडी एवं सम्मेलन की प्रिंसिपल जनरल चेयर डॉ. श्वेता पंडित ने विभाग की शैक्षणिक व शोध गतिविधियों का परिचय दिया। सम्मेलन सचिव डॉ. प्रदीप गर्ग ने सम्मेलन की थीम और कार्यक्षेत्र की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र का समापन सम्मेलन सचिव डॉ. विकास बघेल के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। एमआरसीएन-2026 में शोध पत्रों की 124 प्रस्तुतियां प्राप्त हुईं, जिनमें करीब 27.4 प्रतिशत की स्वीकृति दर रही। सम्मेलन में भारत के अलावा अमेरिका, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, ओमान, यूएई, उज्बेकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और रूस के शोधकर्ता एवं शिक्षाविद हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिनों में नौ मुख्य वक्ता विभिन्न तकनीकी विषयों पर विचार रखेंगे।