नालागढ़ में महिलाओं की अगवाई में सडक़ों पर उतरे हजारों लोग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नालागढ़
औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के तहत माजरा स्थित शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के खिलाफ करीब 100 दिनों से सुलग रहा ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को नालागढ़ की सडक़ों पर फू ट पड़ा। प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं की अगुवाई में हिमाचल पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों से हजारों लोग न्यू बस स्टैंड से एसडीएम कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान ष्प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुर्दाबाद कचरा प्लांट बंद करो् और इंकलाब जिंदाबाद् के नारों से शहर गूंज उठा।प्रदर्शन में महिलाओं युवाओं बुजुगो किसान संगठनों निहंग सिंह जत्थेबंदियों के साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सभा को अमितोज सिंह मान खुशविंदर सिंह गौरव राणा कंवरवीर सिंह मोहित राणा सुमीत सिंह ठाकुर पूर्व विधायक केएल ठाकुर लखविंदर सिंह राणा और हरप्रीत सिंह सैनी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। ज्ञापन में माजरा और आसपास के जल स्रोतों भूजल वायु और मिट्टी की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच करवाकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई। ग्रामीणों ने मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला की जांच का हवाला देते हुए पानी के नमूनों में सीसा निकेल आर्सेनिक इ-कोलाई और कोलीफ ॉर्म मिलने का दावा किया तथा प्रभावित आबादी को तत्काल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग उठाई।
प्लांट शिफ्ट करने में 5-7 साल मंजूर नहीं
ग्रामीणों ने संयंत्र को दूसरी जगह स्थानांतरित करने में पांच से सात वर्ष लगने संबंधी उद्योग मंत्री के विधानसभा सत्र में दिए बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य पेयजल और पर्यावरण से जुड़े मामले को इतने लंबे समय तक नहीं टाला जा सकता।
ग्रामसभा ने स्पष्ट किया है कि वह जनवरी 2027 के बाद नया कचरा लाकर संयंत्र का संचालन जारी रखने के पक्ष में नहीं है।
5 सितंबर तक अल्टीमेटम सीमा बंद करने की दी चेतावनी
आंदोलन से जुड़े गौरव राणा ने 5 सितंबर तक ठोस कार्रवाई का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि कचरा संयंत्र और कथित प्रदूषणकारी इकाइयों के खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएग उन्होंने चेताया कि जरूरत पड़ी तो आंदोलनकारी पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाली माओं पर आवाजाही रोकने जैसा कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।