रोगी सुरक्षा में फार्माकोविजिलेंस के महत्व पर सेमिनार

एमएयू में विश्व फार्मेसी सप्ताह-2026 का शुभारंभ, दवा-चिकित्सा उपकरणों की घटनाओं की रिपोर्टिंग पर जोर
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बद्दी
दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों और चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी घटनाओं की समय पर पहचान व जिम्मेदार रिपोर्टिंग रोगी सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय में ‘रोगी सुरक्षा में फार्माकोविजिलेंस एवं मटेरियोविजिलेंस की भूमिका’ विषय पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। महाराजा अग्रसेन स्कूल ऑफ फार्मेसी की ओर से आरएसएस यूथोपियन क्लब के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय में विश्व फार्मेसी सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ हुआ। सेमिनार में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के फार्माकोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. अजय प्रकाश ने विद्यार्थियों को दवाओं की सुरक्षा निगरानी, फार्माकोविजिलेंस, एडवर्स ड्रग रिएक्शन और मटेरियोविजिलेंस की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि दवाओं के इस्तेमाल के बाद सामने आने वाले प्रतिकूल प्रभावों के साथ चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी घटनाओं की पहचान और रिपोर्टिंग भी जरूरी है। डा. अजय प्रकाश ने बताया कि प्रतिकूल घटनाओं की समय पर रिपोर्टिंग से संभावित सुरक्षा खतरों की पहचान, उनके कारणों को समझने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में मदद मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को दवाओं व चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी घटनाओं की रिपोर्टिंग प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। व्याख्यान के बाद संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने दवा सुरक्षा, फार्माकोविजिलेंस और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग से जुड़े सवाल पूछे। कार्यक्रम में प्रो-चांसलर प्रो. (डा.) आरके गुप्ता, वाइस चांसलर प्रो. (डा.) प्रदीप सिंह वालिया, चांसलर नॉमिनी सुरेश गुप्ता, रजिस्ट्रार डा. पंकज नांगलिया, स्कूल ऑफ फार्मेसी की निदेशक प्रो. (डा.) मोना पिपलानी और डिप्टी रजिस्ट्रार एवं आयोजन सचिव पंकज भटेजा सहित शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। समापन पर डा. अजय प्रकाश को सम्मानित किया गया।