शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने 1047 छात्रों को उपाधि सहित चार गोल्ड मेडल, पांच को मेरिट प्रमाण दिए
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल-आधारित शिक्षा प्रदान करने और उन्हें रोजगार के सीधे अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिक्षा मंत्री शनिवार को शूलिनी विश्वविद्यालय के ऑनलाईन शिक्षा कार्यक्रम का द्वितीय दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। रोहित ठाकुर ने प्रबंधन स्नातकोत्तर के दो बैच, अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर, वाणिज्य स्नातक (आनर्स) और व्यवसाय प्रशासन स्नातक के कुल 1047 विद्यार्थियों को उपाधि सहित 4 गोल्ड मेडल, 5 मेरिट प्रमाण पत्र प्रदान किए। शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि हमें अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वह अपने कौशल से देश के लिए कुछ नया करें, रोजगार के अवसर सृजित करें तथा देश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 में स्थापित हुई शूलिनी विश्वविद्यालय को शैक्षणिक श्रेष्ठता, शोध, नवीनता और अंतररराष्ट्रीय भागीदारी के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय प्रदेश में एक नॉलेज हब के रूप में स्थापित है और इसके प्रमाण विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और रैंकिंग में भी दिखाई देते है।
उन्होंने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 452 वें स्थान, देश में 10वां तथा देश में निजी विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान पर है। रोहित ठाकुर ने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय से अब तक हजारों युवाओं ने शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों पर रोजगार प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि शूलिनी विश्वविद्यालय अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान है, जिससे अब तक लगभग दो हजार पेटेंट दाखिल किए हैं और यह भारत में तीसरी सबसे बढ़ी पेटेंट फाइलिंग यूनिवर्सिटी है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में तकनीक में तेजी से बदलाव आ रहे है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पहले ही हमारे काम करने, बातचीत करने, कुछ नया बनाने और समस्याओं को हल करने के तरीकों को बदल रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि तकनीक के साथ मिलकर काम करना सीखें और आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नशा हमारे समाज में एक घातक बीमारी का रूप धारण कर रहा है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि नशे से दूर रहें और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने में उपयोग करें। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने इस अवसर पर छात्रों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने कहा कि ग्रेजुएट्स एक ऐसी दुनिया में कदम रख रहे हैं जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई टेक्नोलॉजी तेजी से काम के स्वरूप को बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रासंगिक बने रहने के लिए लगातार सीखते रहना जरूरी होगा। नौकरी, बिजनेस और पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए अपने प्रोग्राम पूरे करने वाले ग्रेजुएट्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि उनके दृढ़ संकल्प और अनुशासन को दर्शाती है। वाइस-चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला ने ग्रेजुएट्स से नई चीजें करने और नई संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया। उन्होंने उनसे नशीले पदार्थों से दूर रहने और प्रोफेशनल सफलता के साथ-साथ खुशी, मकसद और व्यक्तिगत भलाई को भी महत्व देने के लिए कहा।
कुलाधिपति प्रो. पीके खोसला ने छात्रों को दी बधाई
शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. पीके खोसला ने इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ग्रेजुएट्स को बधाई दी और उन्हें ज्ञान, जिज्ञासा, ज़िम्मेदारी और ईमानदारी जैसे मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने उनसे अपनी शिक्षा का इस्तेमाल प्रोफेशनल ग्रोथ और समाज में योगदान देने के लिए करने का आग्रह किया।
ये -ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उच्च शिक्षा की निदेशक डा. सुनीता सिंह, शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर विशाल आनंद, कुलपति अतुल खोसला, सरोज खोसला, प्रो. आशीष खोसला सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, छात्र व अभिभावक उपस्थित रहे।