घुमारवीं, सदर, नयनादेवी और झंडूता में आ रही परेशानी, पंचायत प्रधानों ने प्रदेश सरकार से रिक्त पद भरने को उठाई आवाज
स्टाफ रिपोर्टर-बिलासपुर
बिलासपुर जिला की पंचायतों में कर्मचारियों की कमी ग्रामीण विकास के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पंचायतों में पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण नव नियुक्त पंचायत प्रधानों को विकास योजनाएं तैयार करने से लेकर उन्हें धरातल पर उतारने तक कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवकों की कमी के चलते पंचायतों के विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। वहीं इसी तरह विकास खंड सदर में 49 पंचायतें हैं, जहां केवल 10 तकनीकी सहायकए 10 ग्राम रोजगार सेवक और तीन कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं। नयनादेवी विकास खंड की 25 पंचायतों के लिए मात्र दो कनिष्ठ अभियंता, पांच तकनीकी सहायक और पांच ग्राम रोजगार सेवक सेवाएं दे रहे हैं। वहीं, झंडूता विकास खंड की 45 पंचायतों का विकास कार्य दो कनिष्ठ अभियंताए 11 ग्राम रोजगार सेवक और पांच तकनीकी सहायकों के सहारे चल रहा है। देश राज शर्मा ने कहा कि एक साथ कई पंचायतों का अतिरिक्त कार्यभार होने से कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
इसका असर मनरेगा कार्यों, विकास योजनाओं के तकनीकी अनुमोदन पंचायतों के निर्माण कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है। कई मामलों में ग्रामीणों को अपने कार्य करवाने के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध न होने से पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से पंचायतों में आवश्यकता के अनुसार पंचायत सचिवए कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवकों के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।देश राज शर्मा ने पंचायत राज मंत्री, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन पंचायतों में कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है, वहां अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था
की जाए।