अरिहंत इंटरनेशनल स्कूल में 40 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण, प्रभावी शिक्षण और साइबर सुरक्षा पर मंथन
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-नाहन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निर्देशानुसार अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन में जीवन कौशल आधारित क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (सीबीपी) आयोजित किया गया। इसमें चंडीगढ़, नारायणगढ़, अंबाला और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों से 40 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी प्रभावी शिक्षण रणनीतियों से परिचित करवाना रहा, जिनसे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, प्रभावी संचार, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, निर्णय लेने की क्षमता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार जैसे कौशल विकसित किए जा सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना से हुआ। रिसोर्स पर्सन अमनप्रीत सैनी, अकाल अकादमी बड़ू साहिब और नेहा अग्रवाल, समन्वयक दीक्षांत ग्लोबल स्कूल जीरकपुर ने शिक्षकों के साथ अनुभव साझा किए।
अमनप्रीत सैनी ने आत्म-अनुशासन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, निर्णय लेने और समस्या समाधान के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं नेहा अग्रवाल ने 21वीं सदी के कौशलों के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। संवादात्मक सत्रों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों ने जीवन कौशलों को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करने के तरीके सीखे। प्रधानाचार्या स्टिमी मारिया ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है। उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशलों से सशक्त बनाना जरूरी है। चेयरमैन अनिल जैन, महासचिव सचिन जैन और सम्यक जैन ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।