प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और सह प्रभारी विदित चौधरी करेंगे शिरकत, संगठन में एकजुटता और विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति पर होगी चर्चा
कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
जिला बिलासपुर में कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के बाद अब पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए मंथन होगा। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और सह प्रभारी विदित चौधरी कल 23 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचेंगे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में जिला कांग्रेस की अहम बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठन की मजबूतीए पार्टी में एकजुटता और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस कार्यालय बिलासपुर में दोपहर बाद होने वाली इस बैठक में पार्टी के पदाधिकारीए विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेता शिरकत करेंगे। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि जिले के सभी वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल हों, ताकि संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा की जा सके। प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के दौरे को लेकर जिला कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा होगी। वहीं प्रदेश सरकार की ओर से आम जनता के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की जा सकती हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और सह प्रभारी विभिन्न जिलों का दौरा कर संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर में भी पार्टी की स्थिति और संगठनात्मक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, जिला में संगठन सृजन कार्यक्रम को लेकर पहले कुछ सवाल उठे थे, लेकिन बाद में इन पर विराम लग गया। अब पार्टी नेतृत्व की कोशिश संगठन को एकजुट किया जाएगा।
सदर कांग्रेस में गुटबाजी बड़ी चुनौती
सदर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की गुटबाजी पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पार्टी की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं, जबकि आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदारों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में विभिन्न नेताओं की सक्रियता और राजनीतिक समीकरणों के चलते संगठन के भीतर खींचतान की चर्चाएं होती रही हैं।