पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने दिल्ली में विरोध पर साधा निशाना, कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का लगाया आरोप
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-ऊना
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस द्वारा ऊना में किए गए धरना-प्रदर्शन पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने पुराने रुख और वर्तमान विरोध के बीच का विरोधाभास जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। ऊना में भाजपा कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों से संवाद करने के उपरांत वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदान ईवीएम के माध्यम से हुआ था। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को चुनावी परिणाम अपने पक्ष में नहीं मिले तो विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए, लेकिन समय के साथ ये आरोप बेबुनियाद साबित हुए।
आज मतदाता सूचियों को अधिक व्यवस्थित और सत्यापित करने की बात हो रही है, तो कांग्रेस फिर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि यदि उसे चुनावी प्रक्रिया पर इतना ही अविश्वास है, तो वह उन चुनावों के परिणामों को कैसे स्वीकार करती रही, जिनमें इवीएम का इस्तेमाल हुआ था। कंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रही है। उनके अनुसार, जब चुनावी परिणाम कांग्रेस के अनुकूल नहीं आते हैं तो वह कभी इवीएम, कभी निर्वाचन आयोग और अब एसआई आर पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाता है। पूर्व मंत्री ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में जनता महंगाई, बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी गति से कार्य चल रहे हैं।
कांग्रेस जीते तो खुद को शाबाशी, हारे तो वोट चोरी
बंगाणा। कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने ऊना में कांग्रेस पार्टी द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ किए जा रहे आंदोलनों और बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना और आंदोलन करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन आंदोलन की आड़ में झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। भाजपा नेता दविंदर कुमार भुट्टो ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति अब एक ऐसे दौर में पहुंच गई है, जहां चुनाव जीतने पर पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसका श्रेय देती है, लेकिन चुनाव परिणाम अपने पक्ष में न आने पर ईवीएम, चुनाव आयोग और वोट चोरी जैसे आरोप लगाना शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, न कि हर बार अपनी राजनीतिक असफलता का ठीकरा किसी दूसरे के सिर फोडऩा चाहिए।