दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, महंगाई बढऩे की ङ्क्षचता और रुपए पर दबाव के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में गुरुवार को बिकवाली का दबाव बढऩे से प्रमुख शेयर सूचकांक और नीचे आ गए। स्मालकैप और मिडकैप शेयरों में तो जैसे तबाही मच गई, जिस कारण निवेशकों को हर दिन भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। गुरुवार को बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 461.78 लाख करोड़ रुपए से 3.43 लाख करोड़ रुपए गिरकर 458.35 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। मुंबई बाजार में सूचीबद्ध 30 प्रमुख शेयरों पर आधारित बीएसई 30 सेंसेक्स कल के मुकाबले 460.30 अंक या 0.62 प्रतिशत गिर कर 73,249.39 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत घट कर 22,687. 65 प्रतिशत पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 में से 10 शेयर लाभ और 20 हानि दर्ज की गई। सेंसेक्स सुबह 73,343.33 पर गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान ऊपर में 73,720.83 तथा नीचे में 73,005.11 तक गया।
बुधवार को बाजार बंद होने के समय सेंसेक्स 73,709.69 था। बीएसई में बैंक (0.18 प्रतिशत) और आईटी (1.04 प्रतिशत) में भी गिरावट रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 22,687.75 अंक पर खुल कर अंत में 123.70 अंक (0.54 प्रतिशत) गिर कर 22,687.65 पर बंद होने से पहले कारोबार के दौरान ऊपर में 22,785.00 और नीचे में 22,554.85 तक गया था। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला और अंतत: बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। इस दौरान मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन लार्ज-कैप शेयरों की तुलना में कमजोर रहा।