कुत्तों-बंदरों ने 7 दिन में 85 नोचे

स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा निशाने पर; शांति विहार से ढली-संजौली तक आवारा कुत्तों के झुंड, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। महज एक सप्ताह में कुत्तों और बंदरों के काटने के 85 मामले सामने आए हैं। इनमें स्कूली बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। शांतिविहार, ढली, संजौली, मॉल रोड समेत कई इलाकों में आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए परेशानी बने हुए हैं। हाल ही में नगर निगम हाउस में भी बढ़ते हमलों का मुद्दा उठाया गया। सबसे गंभीर स्थिति शांतिविहार में है। पार्षद विनीत शर्मा के अनुसार, यहां एक सप्ताह में 50 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं।

उनका आरोप है कि संबंधित एचओडी को बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सुबह और दोपहर स्कूल जाने-आने वाले बच्चों को कुत्तों के झुंड से सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है। हाल ही में शांकली में दो वर्षीय बच्ची पर कुत्तों के हमले की घटना भी सामने आई थी। नगर निगम के अनुसार, आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए डॉग सेंटर बनाने की योजना पर काम हुआ, लेकिन दूरी और स्थानीय लोगों की आपत्तियों के कारण कुछ प्रस्ताव रद्द करने पड़े। अब पांजड़ी स्थित डॉग सेंटर के विस्तार पर विचार किया जा रहा है। निगम में स्ट्रलाइजेशन के लिए चिकित्सक और वीपीएचओ के पद खाली होने की  त भी सामने आई है। निगम ने आक्रामक कुत्तों को दोबारा सडक़ों पर न छोडऩे के लिए हाई कोर्ट से अनुमति लेने की बात कही है।

इन जगह होते हें सबसे ज्यादा कुत्ते
शहर में कुत्तों के झुंड विशेषकर शांतिविहार, ढली, संजौली, मॉल रोड, रिज, जाखू, समरहिल और बाजारों के आसपास देखे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। पुराने अध्ययन में भी मॉल रोड, रिज, जाखू और समरहिल सहित होटल, रेस्तरां, अस्पताल और हॉस्टल के आसपास आवारा कुत्तों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।

बंदर भी कम नहीं, एक दिन में 10 मामले
शिमला में बंदरों के हमले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। हाल ही में आईजीएमसी में एक ही दिन बंदरों के काटने के 10 मामले पहुंचे थे। अपर ढली के इंद्रनगर में 20 से 30 बंदरों के झुंड ने एक युवक पर हमला कर उसे डंगे से नीचे गिरा दिया था।