राजधानी शिमला में फिर गहराया पेयजल संकट

चौथे दिन आधी रात को मिल रही पानी की सप्लाई; सतलुज से पानी आना बंद, योजनाओं में लग रहे एयर वॉल्व

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
राजधानी शिमला में एक बार फिर पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर के मुख्य क्षेत्रों में जहां रोजाना पानी की सप्लाई मिल रही है, वहीं उपमंडलों के कई वार्डों में चौथे दिन पानी पहुंच रहा है। हैरानी की बात यह है कि कई क्षेत्रों में चौथे दिन भी रात करीब एक बजे सप्लाई दी जा रही है। इससे लोगों को आधी रात को उठकर पानी स्टोर करना पड़ रहा है। बालुगंज वार्ड के पार्षद दलीप थापा ने नगर निगम हाउस की बैठक में भी पेयजल सप्लाई का मामला उठाया। भट्टाकुफर, मल्याणा, कच्चीघाटी, चक्कर, कृष्णानगर, पटयोग, ढली और शांति विहार वार्डों में भी चौथे दिन पानी मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। शहरवासियों का कहना है कि एक दिन छोडक़र पानी की सप्लाई मिले तो भी काम चल सकता है, लेकिन चौथे दिन रात के समय पानी मिलने से परेशानी बढ़ गई है।

खासकर किराये के कमरों में रहने वाले लोगों को दिनभर काम करने के बाद रात में पानी स्टोर करने के लिए उठना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में कम दबाव के साथ पानी आने से पर्याप्त मात्रा में पानी स्टोर करना भी मुश्किल हो रहा है। पार्षदों ने निगम हाउस में कहा कि नगर निगम शिमला जल प्रबंधन निगम में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, इसके बावजूद निगम क्षेत्र के लोगों को सुविधाजनक पेयजल सप्लाई नहीं मिल रही है। पार्षदों ने पानी के टैंकों से जुड़े कार्य समय पर पूरा न होने का मुद्दा भी उठाया। मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को शिमला जल प्रबंधन निगम की बीओडी की बैठक में उठाया जाएगा।

सतलुज से पानी नहीं आ रहा है। इसके कारण यह दिक्कत आ रही है। वहीं कुछ काम भी चल रहे हैं। यही कारण है कि कई बार पानी की किल्लत हो जाती है। लेकिन अभी पानी की सप्लाई सुधर रही है।
– आदर्श चौहान, मैनेजर शिमला जल प्रबंधन निगम

हेल्पलाइन नंबर भी बना है हेल्पलैस

शहर में पानी की किल्लत को लेकर लोग सुएज इंडिया कंपनी के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करते हैं तो कर्मचारी उनके साथ बत्तमीजी करते हैं। यहां तक की पार्षदों के साथ भी यही हालात हैं। भ_ाकुफर वार्ड के पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने इसको लेकर सवाल किया था। उन्होंने कहा कि सुएज इंडिया कंपनी का हेल्पलाइन सेंटर हेल्पलैस है। क्योंकि इनके पास जब भी शिकायत करते हैं तो यह अच्छे से बात तक नहीं करते हैं। यह पार्षदों के साथ भी बत्तमिजी करते हैं।