करवाचौथ पर सोलन में रौनक, सुहागिनों ने सज-धजकर चांद का किया इंतजार

सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने रखा व्रत, बाजारों में दिनभर रही रौनक, नवविवाहिताओं में दिखा उत्साह

निजी संवाददाता-सोलन
हाथों में मेहंदी, माथे पर सजती बिंदिया, लाल-हरे परिधानों में सजी सुहागिनें और आसमान में चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार। कुछ ऐसा ही नजारा करवाचौथ के पर्व पर सोलन शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिला। पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। शाम होते ही महिलाओं की नजरें आसमान पर टिक गईं और चांद के दीदार के साथ व्रत खोलने की तैयारियां शुरू हो गईं। पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के बीच महिलाओं ने इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाया। करवाचौथ को लेकर सुबह से ही सोलन शहर के बाजारों में रौनक रही। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर खरीदारी करने पहुंचीं। चूडिय़ों, मेहंदी, शृंगार सामग्री और पूजा में इस्तेमाल होने वाले सामान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली।

शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं ने अपनी पसंद के कपड़े, आभूषण और सजावटी सामान की खरीदारी की। अर्की, कुनिहार, दाड़लाघाट, चंडी, परवाणू, सुबाथू, कंडाघाट, चायल, कसौली, रामशहर, कुमारहट्टी, नालागढ़ और बद्दी सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर खास उत्साह रहा। करवाचौथ हिंदू परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सुहागिनें पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए व्रत रखती हैं। शाम को पूजा-अर्चना के बाद चंद्रमा के दर्शन कर अघ्र्य देने और पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है। कई महिलाओं ने घरों में परिवार के साथ पूजा की, जबकि कुछ स्थानों पर महिलाओं ने एकत्रित होकर पारंपरिक तरीके से करवाचौथ की कथा सुनी।


करवाचौथ को लेकर उत्साह
पहली बार करवाचौथ का व्रत रखने वाली नवविवाहिताओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उनके लिए यह पर्व परंपरा निभाने के साथ अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत को यादगार बनाने का अवसर भी रहा। महिलाओं ने सजने-संवरने के लिए पार्लरों का रुख किया, वहीं कपड़ों की दुकानों पर भी अच्छी चहल-पहल रही। कई महिलाएं नए फैशन और ऑनलाइन डिजाइन के अनुसार कपड़े सिलवाने में जुटी रहीं।

कपड़ों से सजे नारियल महिलाओं की बने पसंद
पूजा के लिए सजावटी सामान, नारियल और मिट्टी से बने करवे की भी मांग रही। लाल, मरून, हरे और पीले रंग के कपड़ों से सजे नारियल महिलाओं की पसंद बने। चूडिय़ों और मेहंदी के साथ सोलह शृंगार की सामग्री खरीदने में भी महिलाओं ने दिलचस्पी दिखाई। दिनभर बाजारों में खरीदारी का सिलसिला चलता रहा और शाम को घरों की छतों तथा खुले स्थानों पर चांद का इंतजार करते हुए महिलाओं ने परिवार के साथ करवाचौथ की खुशियां साझा कीं।