एनआईटी के मंच से राज्यपाल का युवाओं को बड़ा मंत्र

सिर्फ रट्टा मारने से काम नहीं चलेगा; पूर्व सीएम जयराम ठाकुर बोले, बच्चों में पैदा करो सवाल पूछने की भूख

स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
एनआईटी के शिक्षा महाकुंभ 6.0 में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा महाकुंभ केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण को एक मंच पर जोडऩे का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नवाचार, शोध और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज तकनीक दुनिया को तेजी से बदल रही है। इस अवसर पर कांगड़ा के लोकसभा सांसद डा. राजीव भारद्वाज ने कहा कि विज्ञान ऐसा होना चाहिए, जिसका लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेषकर किसानों और मजदूरों तक पहुंचे। उन्होंने भारतीय संस्कृति की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरा विश्व हमारा परिवार है और भारत का विज्ञान सभी के कल्याण के लिए होना चाहिए। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए और इसके लिए ठोस योजना के साथ सामूहिक प्रयास करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हम सभी का साझा संकल्प
होना चाहिए।

महत्त्वपूर्ण भूमिका


शिक्षा महाकुंभ इस दिशा में चिंतन और संवाद के माध्यम से महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।
विश्वास जताया
पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यदि शिक्षा, कौशल विकास, तकनीक और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए, तो भारत वर्ष 2047 तक दुनिया की अग्रणी महाशक्तियों में शामिल हो सकता है।