श्रीरेणुकाजी बांध की डाइवर्जन टनल की जद में आने वाली पनार-कल्याण पंचायत के आठ परिवार पहुंचे डीसी दरबार
कार्यालय संवाददाता-नाहन
राष्ट्रीय परियोजना श्रीरेणुकाजी बांध के प्रथम चरण में डाइवर्जन टनल निर्माण की जद में आने वाली पनार-कल्याण पंचायत के आठ परिवारों पर पुनर्वास न होने से स्थानांतरण का संकट आ गया है। बांध प्रबंधन ने डाइवर्जन टनल के निर्माण का कार्य शुरू होते ही आठ परिवारों को जगह खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है, जिसके बाद शुक्रवार को प्रभावित परिवारों ने डीसी सिरमौर के द्वार पहुंचकर पुनर्वास की गुहार लगाई है। बांध प्रभावित घरों के सदस्य कृष्ण कुमार, भरत सिंह, बिमला देवी, धन कुमारी, अजय, राजेंद्र, विद्या देवी और लाजवंती इत्यादि ने डीसी को अवगत करवाया कि उक्त परिवार श्रीरेणुकाजी बांध निर्माण के लिए विस्थापित किए जा रहे हैं, जिनके घर-मकानों का भूमि अधिग्रहण धारा 17-4 के तहत वर्ष 2008 में हो चुका है। वहीं, भू-अर्जन अधिकारी के तहत वर्ष 2010-11 में मकानों का मुआवजा भी दिया जा चुका है।
वहीं, अब जब बांध निर्माण के तहत पहले चरण में सुरंगों का निर्माण शुरू हो गया है, तो उन्हें घर-मकानों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, मगर हालत यह है कि बांध प्रबंधन ने अभी तक उनके पुनर्वास व पुर्नस्थापना के लिए न तो उन्हें गृहविहीन परिवारों की सूची में शामिल किया है और न ही उन्हें किसी तरह की पुनर्वास सहायता मिली है, ताकि वे अन्य स्थान पर जाकर अपना जीवन व्यतीत कर सकें। बांध की जद में आ रहे परिवारों ने डीसी सिरमौर को बताया कि प्रभावित इन परिवारों में कुछ नाम गृहविहीन की सूची के लिए कार्यालय भेजे गए थे, जिन्हें बाद में हटा दिया गया। जिसके चलते बांध की जद में आ रहे आठ परिवारों पर गुजर-बसर और बसने की समस्या पैदा हो गई है। वहीं, प्रभावित परिवारों ने पुनर्वास की मांग उठाई है। उधर, डीसी सिरमौर ने बांध प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।