अब एक ही अकाउंट एग्रीगेटर से मिलेगी पूरी वित्तीय जानकारी, RBI का बड़ा फैसला

मुंबई। ग्राहकों की वित्तीय जानकारी के लिए अब अलग-अलग कई एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटर की सेवा लेने की जरूरत नहीं रह जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस साल के अंत तक एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटरों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान (इंटरऑपरेबिलिटी) को मंजूरी प्रदान करेगा जिससे एक ही एग्रीगेटर से सभी ग्राहकों की जानकारी मिल सकेगी, भले ही उसकी जानकारी दूसरे एग्रीगेटर के पास हो। एनबीएफसी-अकाउंट एग्रीगेटर ग्राहक की अनुमति से उनकी वित्तीय जानकारी रखते हैं और कर्जदारों को उपलब्ध कराते हैं। इस काम के लिए रिजर्व बैंक से लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को बताया कि यह सुविधा इस साल के अंत तक शुरू कर दी जाएगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा विनियमित सभी डिपॉजिटरी से प्राप्त अकाउंट स्टेटमेंट में जमा खातों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वित्तीय बाजार के अनुरूप नियामकीय बदलावों पर विचार के लिए एक तकनीकी समिति का भी गठन किया जाएगा।