एम्स में जल्द शुरू होंगी रोबोटिक सर्जरी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट

दो साल में अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य

कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
एम्स बिलासपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार विस्तार कर रहा है। आने वाले समय में यहां ऑपरेशन थियेटर और कैथ लैब स्थापित करने के साथ शिशु स्वास्थ्य केंद्र विकसित किया जाएगा। अगले दो वर्षों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं भी शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। एम्स बिलासपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिशु स्वास्थ्य केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा और यहां विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना है। इसके अलावा एक केंद्र एडवांस टेलीकेयर नेटवर्क के रूप में भी कार्य करेगा। एम्स प्रशासन की ओर से एम्स में शोध कार्यों को भी बढ़ावा दिया जाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके लिए आईआईटी मंडी और आईआईटी सिरमौर के साथ भागीदारी की जाएगी तथा सेंटर रिसर्च लैब का विस्तार किया जाएगा। उधर, इस बारे में एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष एनके अरोड़ा ने बताया कि एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर का एक्सटेंशन सेंटर भी लाहौल स्पिती में स्थापित किया जाएगा। इसका लाभ स्थानीय जनता को मिलेगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 12 अक्तूबर को आईसीएमआर फील्ड स्टेशन का शिलान्यास करेंगे।


एनएससी में नए निवेशकों का बढ़ा भरोसा
स्टाफ रिपोर्टर-बिलासपुर
सुरक्षित निवेश के लिए डाकघर की राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र एनएससी योजना में नए निवेशकों की रुचि देखने को मिल रही है। जिला बिलासपुर में सितंबर महीने के दौरान एनएससी के 405 नए खाते खोले गएए जबकि इसी अवधि में 333 पुराने खाते बंद हुए। आंकड़े बताते हैं कि जहां नए निवेशक इस योजना से जुड़ रहे हैंए वहीं पुराने खाताधारकों का रुझान पहले के मुकाबले कम होने से परिपक्वता अवधि पूरी कर चुके खातों के बंद होने की स्थिति भी सामने आई है। हालांकिए खातों के बंद होने का मतलब यह नहीं है कि सभी पुराने निवेशकों ने योजना से दूरी बना ली है। कुछ खातों के बंद होने का कारण पांच वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी होना भी है। वहीं डाक विभाग के आंकड़ों के अनुसारए सितंबर में खुले 405 नए खातों से एनएससी में निवेश करने वाले नए ग्राहकों की भागीदारी सामने आई है।

दूसरी ओरए 333 पुराने खातों के बंद होने से यह भी संकेत मिलता है कि निवेशकों की प्राथमिकताओं में बदलाव हो रहा है। ऐसे में डाक विभाग के सामने नए निवेशकों को आकर्षित करने के साथ.साथ पुराने ग्राहकों को योजना के लाभों की जानकारी देकर दोबारा निवेश के लिए प्रेरित करने की चुनौती भी है। एनएससी में पांच वर्ष की निर्धारित अवधि के लिए निवेश किया जाता है और इसकी परिपक्वता पर नियमानुसार राशि का भुगतान किया जाता है। डाकघर की योजनाओं को केंद्र सरकार का समर्थन मिलने के कारण इन्हें सुरक्षित निवेश के विकल्पों में गिना जाता है। एनएससी में एक हजार रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। आयकर नियमों के तहत पात्र निवेश पर धारा 80सी का लाभ भी मिल सकता है। जिला बिलासपुर में सितंबर के दौरान नए और बंद खातों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि बचत योजनाओं के प्रति लोगों का रुझान लगातार एक जैसा नहीं रहता और समय के साथ इसमें बदलाव आता रहता है।