शूलिनी विवि के 25 शोधकर्ताओं को दुनिया के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में मिली जगह
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
शूलिनी यूनिवर्सिटी के 25 शोधकर्ताओं को दुनिया के टॉप 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की 2026 की सूची में शामिल किया गया है। इनमें से सात शोधकर्ताओं को करियर-भर अनुसंधान प्रभाव में भी पहचान मिली। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में हो रहे शोध कार्यों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है। यह सूची स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन पीए इओनिडिस के नेतृत्व में तैयार किए गए डेटाबेस पर आधारित है। इसे एल्सेवियर के स्कोपस डेटा की मदद से तैयार किया जाता है। इसमें दुनिया भर के वैज्ञानिकों के शोध कार्यों और उनके शोध को दूसरे वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए संदर्भों (साइटेशन) के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है। 7 अक्तूबर को जारी इस सूची का आधार 1 अगस्त तक का स्कोपस डेटा है। इसमें दो तरह से शोधकर्ताओं के योगदान को देखा जाता है।
पहली श्रेणी में वर्ष 2025 के दौरान यह उपलब्धि अलग-अलग विषयों में विश्वविद्यालय के शोध कार्यों की व्यापकता को दर्शाती है। शूलिनी यूनिवर्सिटी के चांसलर प्रो. पीके खोसला ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के उस सपने को आगे बढ़ाने का प्रमाण है, जिसके साथ इसकी शुरुआत हुई थी। यह पूरे शूलिनी परिवार और मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से गर्व का क्षण है। जब हमने शूलिनी की शुरुआत की थी, तब हमारा एक बड़ा सपना था ऐसा विश्वविद्यालय बनाना, जहां युवा ज्ञान से प्रेरित हों, उनमें जिज्ञासा हो, वे सही सवाल पूछें और अपने काम से दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालें। हमारे 25 शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना इस बात का प्रमाण है