मजदूरों के अधिकारों के लिए बनें मजबूत कानून

घुमारवीं में प्रदेश इंटक बैठक को संबोधित करते हुए बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री, प्रदेश सरकार की योजनाओं पर डाला प्रकाश
निजी संवाददाता-घुमारवीं
हिमाचल प्रदेश इंटक की बैठक को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा उनके अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की रक्षा करना सरकार और श्रमिक संगठनों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं में आयोजित प्रदेश इंटक की बैठक को संबोधित कर रहे थे। राजेश धर्माणी ने कहा कि श्रम कल्याण बोर्ड के माध्यम से प्रदेश के कामगारों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। पात्र श्रमिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में ट्रेड यूनियनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से मजदूरों की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हुए हैं।

उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में किसी भी प्रकार के बदलाव के दौरान श्रमिकों के हितों, रोजगार की सुरक्षा, उचित मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना समय की आवश्यकता है।इस अवसर पर कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, इंटक के प्रदेश अध्यक्ष एवं नालागढ़ के विधायक बावा हरदीप सिंह, बिहार इंटक के अध्यक्ष सीपी सिंह, जगत राम शर्मा, इंटक महासचिव उमेश शर्मा, कांगड़ा जिला इंटक अध्यक्ष संजय सैनी, ऊना से नरेश ठाकुर, कुल्लू जिला इंटक अध्यक्ष खीमी राम, बिलासपुर जिला इंटक अध्यक्ष रूप सिंह, प्रेम भाटिया, ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एवं कॉन्ट्रैक्चुअल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष दीप धीमानए समर चौहानए कर्म चंद जस्सल, वीना शर्मा, महिला इंटक अध्यक्ष सत्य रांटा सहित विभिन्न जिलों से आए इंटक पदाधिकारी एवं श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।