देश भर में 11,23,086 गाडिय़ां बिकीं, पिछले साल की तुलना में 6.5 प्रतिशत कम रही खुदरा बिक्री
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
पिछले साल नवरात्र की तुलना में इस साल इस त्योहार के दिनों में देश में वाहनों की खुदरा बिक्री में 6.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वाहन डीलरों के शीर्ष संगठन सियाम ने बुधवार को बताया कि इस साल नवरात्र के दौरान (11-20 अक्तूबर) देश में कुल 11,23,086 वाहन बिके। पिछले साल नवरात्र 22 अक्तूबर से 02 नवंबर के बीच थी और इस अवधि में 12,01,479 वाहन बिके थे। फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह गिरावट वास्तव में एक भ्रम जैसा है। पिछले साल नवरात्र से 20 दिन पहले ही वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाने की घोषण कर दी गई थी जो 22 सितंबर को नवरात्र के पहले दिन से प्रभावी हुई, इसलिए नवरात्र में 20 दिन की रुकी हुई मांग भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि इस साल की नवरात्र की बिक्री एक सकारात्मक तस्वीर पेश करती है। साल 2024 की तुलना में इस साल नवरात्र में बिक्री 26.76 प्रतिशत बढ़ी है। यात्री वाहनों की त्योहारी बिक्री में एक साल पहले के मुकाबले 21.91 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि दो साल पहले के मुकाबले यह 10.39 फीसदी बढ़ी है। दोपहिया वाहनों की बिक्री एक साल पहले के मुकाबले 2.79 प्रतिशत कम रही, जबकि साल 2024 की तुलना में इसमें 32.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
तिपहिया की बिक्री एक साल पहले के मुकाबले 7.51 प्रतिशत कम और दो साल पहले की तुलना में 19.04 फीसदी अधिक रही। पहिये वाले निर्माण उपकरणों की बिक्री में एक साल पहले की तुलना में 1.97 प्रतिशत और दो साल पहले के मुकाबले 16.45 प्रतिशत की कमी आई है। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में साल 2025 के मुकाबले 1.12 फीसदी और 2024 की तुलना में 16.47 फीसदी की वृत्द्ध दर्ज की गई। ट्रैक्टरों की बिक्री सालाना आधार पर 0.89 फीसदी और साल 2024 की तुलना में 20.21 फीसदी की गिरावट रही। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री इस साल नवरात्र के मुकाबले 26.78 फीसदी बढ़ी। इसमें इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों में 25.97 प्रतिशत और दुपहिया ईवी में 33.41 प्रतिशत की वृत्द्ध देखी गई। तिपहिया ईवी की बिक्री 10.51 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की 96.04 प्रतिशत बढ़ी है। श्री गिरिधर ने इस साल धनतेरस से दिवाली के लिए सतर्क रहते हुए आशावादी होने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोगों की क्रय शक्ति मजबूत है और उनकी आकांक्षाएं बढ़ रही हैं।