स्टाफ रिपोर्टर, चौपाल-नेरवा
जिला शिमला के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के अचानक करवट बदलने से सर्दी ने दस्तक दे दी है। उपमंडल चौपाल व कुपवी के पहाड़ी इलाकों और नेरवा तहसील के निचले क्षेत्रों में गुरुवार सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं के चलते पूरे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं, जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार से भी हल्की बर्फबारी की सूचना है। अचानक हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पारा लुढक़कर सीधे 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पूरे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ हीटर और पारंपरिक अंगीठियों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट के चलते सडक़ों पर आवाजाही भी काफी कम रही। ाहत की बात यह है कि मौसम खराब होने के बावजूद क्षेत्र में यातायात और अन्य बुनियादी सुविधाएं फिलहाल सामान्य बनी हुई हैं। एक ओर बारिश को मिट्टी में नमी बढ़ाने के लिहाज से फायदेमंद माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम ठंड और बारिश के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
करवाचौथ पर भी मौसम का असर
बेमौसम बारिश और हाड़ कंपाने वाली ठंड का सबसे अधिक असर करवाचौथ का व्रत रखने वाली सुहागिनों पर देखने को मिला। रिमझिम फुहारों और सर्द हवाओं के चलते महिलाओं को घरों के भीतर ही रहने को मजबूर होना पड़ा। इससे बाजारों में आम दिनों की तरह दिखने वाली चहल-पहल और रौनक भी गायब रही। महिलाओं ने घरों के भीतर ही पूजा-अर्चना कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपना व्रत संपन्न करने की तैयारियां कीं खराब मौसम के कारण व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार को लेकर चिंता बनी रही।