बधाई हो…ऊना के 112 गांव हुए तंबाकू मुक्त

उपायुक्त जतिन लाल ने बाकी गांवों को भी तंबाकू फ्री करने के लिए छेड़ी मुहिम

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-ऊना
तंबाकू मुक्त युवा अभियान के तीसरे चरण में 112 गांवों को तंबाकू मुक्त बनाने के साथ ऊना जिला प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने अब शेष गांवों को भी मुहिम से जोडक़र शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने स्वास्थ्य विभाग, खंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के प्रयासों की सराहना करते हुए अभियान के चौथे चरण में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उपायुक्त बुधवार को अपने कार्यालय के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर से शुरू हुआ तंबाकू मुक्त युवा अभियान का चौथा चरण (टीएफवाईसी-4.0) 26 दिसंबर तक चलेगा।

इससे पहले, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार ने शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ टीएफवाईसी-4.0 के तहत अंतरविभागीय समन्वय को लेकर बैठक की और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। ऊना से उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, उपायुक्त आबकारी विशाल गोरला, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी इसमें शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद उपायुक्त ने जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक कर अभियान की गतिविधियों और विभागवार जिम्मेदारियों की समीक्षा की। कोटपा और अन्य कानूनों के तहत होगी प्रभावी कार्रवाई जतिन लाल ने कहा कि अभियान के तहत जागरूक किया जाएगा।


जिला ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
ऊना जिला 112 गांवों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। जिले में इस दौरान 898 शिक्षण संस्थानों को भी तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में उपलब्धि दर्ज की गई। तंबाकू नियंत्रण के तहत जिले में 21 प्रवर्तन अभियान चलाए गए। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान संबंधी उल्लंघनों के 692 चालान कर 67,770 रुपये जुर्माना वसूला गया, जबकि खुली सिगरेट बेचने अथवा शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित उल्लंघनों पर आठ चालान कर 1,400 रुपए जुर्माना लगाया गया।