फसल ऋण और केसीसी लोन के मुद्दे पर डीसी ऑफिस के बाद किया प्रदर्शन, रैली भी निकाली
जिला संवाददाता-कुल्लू
प्रदेश के किसानों और बागबानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए उनके फसल ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के कर्ज माफ करने की मांग उठने लगी है। कुल्लू में किसान-बागवान एकता मंच कुल्लू ने आक्रोश रैली निकाली। वहीं उपायुक्त कार्यालय कुल्लू के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। वहीं, प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार, मंडी लोकसभा सांसद, शिमला लोकसभा सांसद, हमीरपुर लोकसभा सांसद को ज्ञापन सौंपा। जिसमें किसान-बागवान एकता मंच ने किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद करते हुए सरकार से कर्जमाफी के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। मंच का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं, फसल नुकसान और लगातार बढ़ती कृषि लागत ने किसानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। ऐसे में कर्ज चुकाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
मंच की ओर से छह नवंबर को तैयार मांगपत्र में किसानों और बागवानों को राहत देने के लिए कई अहम मुद्दे उठाए गए हैं। इसमें फसल ऋण और केसीसी के तहत लिए गए कर्ज माफ करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। साथ ही बैंकों की ओर से कर्ज वसूली के नाम पर किसानों पर की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। मंच का तर्क है कि किसान दिन-रात मेहनत करके देश और प्रदेश के लिए खाद्यान्न तथा फल उत्पादन करते हैं, लेकिन मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं के कारण उनकी मेहनत कई बार मिट्टी में मिल जाती है। फसल बर्बाद होने के बावजूद बैंक ऋण की अदायगी का दबाव बनाए रखते हैं। इससे किसान आर्थिक और मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं। मांगपत्र में किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने, फसल नुकसान की स्थिति में समय पर राहत देने तथा किसानों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई है।