अत्याचार पीडि़तों को 91.66 लाख की आर्थिक मदद

उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध सहायता और मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-सोलन
उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को यहां अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2023 से 31 अक्तूबर, 2026 तक अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र पीडि़तों को राहत राशि समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस एवं जिला प्रशासन के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा मामलों की मासिक रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत उपमंडल स्तर पर नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने इस अवसर पर 08 पीडि़तों की 04 लाख रुपए की राहत राशि भी स्वीकृत की। उपायुक्त कहा कि अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन तथा पीडि़तों को समय पर न्याय एवं सहायता उपलब्ध करवाने के लिए सभी संबंधित विभागों का पूर्ण संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ कार्य करना आवश्यक है।

उन्होंने विभागों को अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम, 1989 के विषय पर समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में अवगत करवाया गया कि वर्ष 2023 से 31 अक्तूबर, 2026 तक जिला में इस अधिनियम के तहत कुल 85 मामले दर्ज हुए। इनमें से 44 मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं तथा 31 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। 84 मामलों में 103 पीडि़तों को कुल 91.66 लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की गई है। बैठक में भेदभाव और छुआछूत से संबंधित शिकायतों, पुलिस जांच के अधीन मामलों तथा उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समितियों के गठन पर भी चर्चा की गई। जिला न्यायवादी संजय पंडित, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन मुख्यालय संतोष शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक बद्दी योगराज चन्देल, जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. पदम देव शर्मा, विभागों के अधिकारी एवं समिति के गैर सरकारी सदस्य बैठक में मौजूद थे।