पालमपुर के विकास का 20 साल का खाका तैयार, नागरिकों ने दिए सुझाव
नगर संवाददाता-पालमपुर
पालमपुर के आगामी 20 वर्षों के सुनियोजित विकास को लेकर बुधवार को नगर निगम कॉन्फ्रेंस हॉल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें पालमपुर एनजीओ समूह के फ्यूचर मास्टर प्लान वर्किंग ग्रुप ने हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव एक्शंस (हिटा) के तकनीकी सहयोग और मुंबई के एसपी जैन इंस्टीट्यूट के प्रशिक्षुओं के शोध के आधार पर तैयार रिपोर्ट प्रस्तुत की। वर्ष 2027 से 2047 तक के प्रस्तावित मास्टर प्लान के लिए नागरिकों से मिले सुझावों पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। बैठक में पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल, नगर निगम की महापौर राधा सूद, उपमहापौर नीलम मलिक, आयुक्त नेत्रा मेती, पार्षदों और विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस पहल में पालमपुर वेलफेयर एवं पर्यावरण संरक्षण फोरम के अध्यक्ष अजीत बाघला, सचिव अश्वनी छिब्बर तथा सदस्य राजन कोतरू, बोनी मिशल सहित अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
रिपोर्ट में यातायात, पेयजल, कूड़ा प्रबंधन, अनियोजित निर्माण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। चाय बागानों और कृषि भूमि को बचाने के साथ पर्यटन, शिक्षा, शोध और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है। बाईपास अथवा रिंग रोड की संभावनाएं तलाशने, बाहरी क्षेत्रों में पार्किंग विकसित करने, बाजारों में फुटपाथ बनाने और सभी 15 वार्डों में नागरिक सुविधाओं का समान वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। विधायक आशीष बुटेल ने चीड़ के जंगलों को चौड़ी पत्ती वाले और बांज के वनों में विकसित करने पर जोर दिया।